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पं बद्री प्रसाद पाण्डेय की जयंती पर राष्ट्रीय एकता का प्रेरक संदेश

पं बद्री प्रसाद पाण्डेय की जयंती पर राष्ट्रीय एकता का प्रेरक संदेश

प्रतापगढ़, 17 अक्टूबर 2025। सामाजिक सद्भाव, धार्मिक सहिष्णुता और समरसता के प्रतीक पंडित बद्री प्रसाद पाण्डेय की जयंती पर उनके जन्मस्थान पूरे छतऊ के ‘सद्भावना गार्डन’ में एक भव्य ‘राष्ट्रीय सद्भावना समारोह’ का आयोजन किया गया। सद्भावना फाउंडेशन के तत्वावधान में हुआ यह कार्यक्रम सैकड़ों गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

मुख्य अतिथि राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष कार्याधिकारी एवं सचिव डॉ. अखिलेश चंद्र मिश्र थे। अध्यक्षता सुविख्यात व्यंग्यकार डॉ. राजेंद्र सिंह ‘राज’ ने की। कार्यक्रम का आयोजन फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्राध्यापक/पत्रकार डॉ. शक्ति कुमार पाण्डेय ने किया। संचालन सुप्रसिद्ध गीतकार सुनील प्रभाकर ने किया। विजय कुमार पाण्डेय ने आगंतुक अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा, पंडित बद्री प्रसाद जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन सामाजिक सद्भाव, समानता और समरसता के लिए समर्पित कर दिया। उनके कार्य आज भी प्रासंगिक हैं।

मुख्य अतिथि डॉ. अखिलेश चंद्र मिश्र ने अपने संबोधन में कहा, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की रक्षा के लिए पंडित जी के आदर्शों पर चलना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। मुख्य वक्ता एवं पंडित जी के निकट सहयोगी धर्माचार्य मौलाना हयात उल्लाह चतुर्वेदी ने भावुक स्वर में कहा, पंडित जी के दिखाए रास्ते पर चलकर न केवल राष्ट्रीय, बल्कि विश्वव्यापी मानव समाज को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है। उनकी सहिष्णुता हिंदू-मुस्लिम एकता का जीता-जागता उदाहरण है।

वरिष्ठ अधिवक्ता और लोकतंत्र सेनानी रामसेवक त्रिपाठी ने पंडित जी के साथ बिताए कीमती पलों के संस्मरण सुनाए। उन्होंने बताया कि कैसे पंडित जी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए भी सभी धर्मों के प्रति सम्मान रखते थे। धर्माचार्य ओमप्रकाश पाण्डेय अनिरुद्ध रामानुज दास ने विस्तार से बताया कि पंडित जी ने धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज से दीक्षा ग्रहण करने के पश्चात उनके आदेश पर मध्यप्रदेश में अखिल भारतीय रामराज्य परिषद के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा। स्वामी जी के उपदेशों विश्व कल्याण, गौ हत्या बंदी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उन्होंने जीवनभर प्रयास किया।

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं सेनानी शिव प्रकाश मिश्र ने कहा, पिता की स्मृति को नमन करते हुए डॉ. शक्ति कुमार पाण्डेय ने सद्भावना का प्रसार कर समाज के सामने एक अनुकरणीय आदर्श प्रस्तुत किया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक ओमप्रकाश ने अपने संबोधन में उल्लेख किया, अपने शताब्दी वर्ष में संघ भी भारतीय समाज में सामाजिक सद्भाव और समरसता के लिए निरंतर प्रेरणा दे रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आलोक कुमार पाण्डेय ने कहा, प्रेम और सद्भाव ही मजबूत समाज एवं राष्ट्र की आधारशिला हैं। आरएसएस विभाग बौद्धिक प्रमुख डॉ. सौरभ पाण्डेय ने जोर दिया, सामाजिक सद्भाव और समरसता के अभाव में भारतीय समाज अपने परम वैभव के लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता। विभाग प्रचार प्रमुख प्रभा शंकर पाण्डेय ने पंडित जी के सामाजिक कुरीतियों के विरोध को आदर्श बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज को नई दिशा दी।

कार्यक्रम का आकर्षक हिस्सा काव्य पाठ रहा, जिसमें साहित्यकार राजमूर्ति सिंह सौरभ, शेख मुंशी रजा अनीस देहाती और प्रेम कुमार त्रिपाठी ‘प्रेम’ ने भावपूर्ण रचनाएं प्रस्तुत कीं। इन कविताओं ने सद्भावना के संदेश को और गहरा किया। सभी साहित्यकारों, अतिथियों और वक्ताओं को स्मृति चिन्ह प्रदान कर अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

सद्भावना फाउंडेशन के सचिव हिमांशु पाण्डेय ने सभी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। अन्य प्रमुख वक्ताओं में उच्च न्यायालय के विनायक प्रसाद पाण्डेय, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश सचिव सुरेंद्र प्रसाद पाण्डेय, जिला महामंत्री राजेश मिश्रा, कमलाकान्त एकेडमी के प्रबंधक सुशील कुमार पाण्डेय, संस्कार एजुकेशनल एकेडमी के प्रबंधक दिवाकर पाण्डेय तथा शिक्षक नेता रूपेश पाण्डेय शामिल रहे।