रायपुर, 26 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खारुन नदी के महादेव घाट पर इस बार अंतर्राष्ट्रीय लोक गायिका स्वाती मिश्रा के गीत गूजेंगे। स्वाती मिश्रा 27 अक्टूबर को संध्या में महादेव घाट पर छठ गीतों की प्रस्तुति देंगेी। लोकधारा के मशहूर कलाकार तिलक राजा साहू और केशरी साहू के द्वारा छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी। सोनाली एवं तरुण चोपड़ा टीम, प्रयागराज के द्वारा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी जाएगी। कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति 27 अक्टूबर को संध्या 4 बजे से शुरू होगी। महादेव घाट पर 27 अक्टूबर को संध्या में महाआरती का आयोजन किया जायेगा।
छठ व्रती चार दिवसीय छठ महापर्व के तीसरे दिन सोमवार को खारुन नदी के महादेव घाट पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे। बड़ी संख्या में श्रदालु महादेव घाट पहुंचकर डूबते सूर्य की पूजा-अर्चना करेंगे। रविवार संध्या खरना हुआ। छठ महापर्व आयोजन समिति महादेवघाट, रायपुर के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि छठ व्रती चार दिवसीय छठ महापर्व के तीसरे दिन सोमवार को खारुन नदी के महादेव घाट पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे। इस वर्ष अक्टूबर 25 से अक्टूबर 28 तक पूरे भारत सहित पूरे विश्व में छठ महापर्व हर्षोल्लास एवं परम्परा के साथ मनाया जा रहा है। छठ महापर्व उत्तर भारतीय समाज का एक महत्वपूर्ण पर्व है। संध्या अर्घ्य सोमवार अक्टूबर 27 को होगा और उषा अर्घ्य अक्टूबर 28 को होगा। एक सांस्कृतिक कार्यक्रम 27 अक्टूबर को संध्या में महादेव घाट पर आयोजित किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि समिति के सदस्य और रायपुर नगर निगम के कर्मचारियों के द्वारा खारुन नदी, महादेव घाट की सफाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि छठ पूजा छत्तीसगढ़ में रायपुर, बिलासपुर, भिलाई-दुर्ग, कोरबा, बस्तर एवं अन्य शहरों में बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। रायपुर में छठ पूजा 50 से अधिक स्थानों जैसे खारुन नदी के महादेव घाट, व्यास तालाब और अन्य तालाबों के किनारे इस वर्ष भी छठ पूजा धूम-धाम से मनाया जायेगा।
नवा रायपुर अटल नगर में झांझ तालाब के किनारे भी भव्यता के साथ छठ पूजा का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर आयोजन प्रमुख राजेश कुमार सिंह, उप प्रमुख कन्हैया सिंह, सन्तोष सिंह, प्रचार-प्रसार सचिव ब्रजेश सिंह, सह सचिव राकेश सिंह, कोषाध्यक्ष सुनील सिंह, रवींद्र सिंह, मुक्तिनाथ पांडे, शशि सिंह, परमानंद सिंह, रामकुमार सिंह, सत्येन्द्र सिंह गौतम, अजय शर्मा, वेद नारायण सिंह कुशवाहा, जयंत सिंह, जय प्रकाश सिंह, अनिल सिंह, संजीव सिंह, रामविलास सिंह, सन्तोष सिंह, सरोज सिंह, मनोज सिंह, संजय सिंह, मदनलाल विश्वकर्मा एवं अन्य सदस्यों के द्वारा घाटों की सफाई में योगदान दिया गया।













