रायपुर, 1 नवंबर 2025। ब्रह्माकुमारी संस्थान ने छत्तीसगढ़ में विश्व की अनोखी शैली की इमारत का निर्माण किया है। यह इमारत विश्व की पहली इमारत है जो इस अनोखी शैली में निर्मित की गयी है। 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों इस इमारत का लोकार्पण कराया गया है।
इस इमारत का नाम शांति शिखर रिट्रीट सेंटर एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड रखा गया है। 1 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छत्तीसगढ़ राज्य के 25वें स्थापना दिवस पर रायपुर पहुंचे थे। इस इमारत का लोकार्पण उनके हाथों से कराया गया।
नवा रायपुर के सेक्टर-20 में ब्रह्माकुमारी संस्थान ने इस भव्य भवन का निर्माण कराया है। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संस्थान की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी जयंती, अतिरिक्त महासचिव डॉ. राजयोगी बीके मृत्युंजय और रायपुर क्षेत्र की संचालिका बीके सविता सहित कई वरिष्ठ संत उपस्थित थे। प्रधानमंत्री मोदी ने आध्यात्मिकता को समाज परिवर्तन का माध्यम बताते हुए कहा कि भारत की परंपरा में शांति केवल एक विचार नहीं बल्कि जीवन का संस्कार है।
क्या है अनोखा भवन और उसकी खासियत
सात वर्षों के अथक प्रयासों से यह भव्य रिट्रीट सेंटर तैयार किया गया। इसमें जोधपुर के गुलाबी पत्थरों को लगाया गया है। ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा इस शैली में निर्मित यह विश्व की पहली इमारत है। प्रेस टेंसाइल बीम तकनीक से बने इस भवन को 150 से अधिक ट्रकों में लाए गए पिंक स्टोन से तैयार किया गया है।
लगभग दो एकड़ क्षेत्र में फैला यह पांच मंजिला भवन 105 फीट ऊंचा, 150 फीट चौड़ा और 225 फीट लंबा है। राजस्थानी स्थापत्य शैली में निर्मित इस केंद्र में 2000 लोगों की क्षमता वाला वातानुकूलित आडिटोरियम, सेमिनार हॉल, मेडिटेशन रूम, अतिथि गृह, डायनिंग हॉल और वीडियो थिएटर जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
दान की राशि से कराया गया निर्माण
संस्थान के सदस्यों ने शांति शिखर के निर्माण में विशेष भूमिका निभाई। वर्ष 2018 से जुड़े 11 हजार से अधिक सदस्यों ने प्रतिदिन न्यूनतम एक रुपये का दान देकर इसे साकार किया। निर्माण कार्य की नींव तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशिका राजयोगिनी बीके कमला के मार्गदर्शन में रखी गई थी, जबकि इंदौर जोन के पूर्व निदेशक राजयोगी ओम प्रकाश भाई के संकल्प ने इसे साकार रूप दिया।
संस्थान के अनुसार, इस रिट्रीट सेंटर में समाज के सभी वर्गों के लिए नि:शुल्क आध्यात्मिक शिक्षा, तनाव प्रबंधन, नशामुक्ति, मूल्यनिष्ठ शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजयोगिनी बीके सविता ने बताया कि शांति शिखर केवल एक भवन नहीं, बल्कि आत्मशांति, सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक उन्नयन का केंद्र बनेगा।













