लखनऊ, 2 नवंबर 2025। पकवानों के स्वाद ने यूपी की राजधानी लखनऊ को वैश्विक पहचान प्रदान की है। अब इस शहर के खान-पान को वैश्विक मान्यता भी मिल गई है। शुक्रवार 31 अक्टूबर 2025 को उज्बेकिस्तान के समरकंद में यूनेस्को के महासम्मेलन का 43वां सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में लखनऊ को ‘रचनात्मक पाक-कला का शहर’ (क्रिएटिव सिटी आफ गैस्ट्रोनॉमी) घोषित किया गया। इसके बाद लखनऊ दुनियाभर के 70 पाक-कला शहरों में शुमार हो गया है। यह हैदराबाद के बाद यह खिताब पाने वाला दूसरा भारतीय शहर है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन निदेशालय ने 31 जनवरी, 2025 को संस्कृति मंत्रालय को लखनऊ का नामांकन प्रस्तुत किया था। भारत सरकार ने 3 मार्च को इस शहर को देश की आधिकारिक एंट्री चुना। यूनेस्को दक्षिण एशिया शिक्षा विज्ञान संस्कृति ने अपने एक्स पर पोस्ट साझा की। इसमें लिखा, लखनऊ को ‘रचनात्मक पाक-कला का शहर’ घोषित किया गया। यह शहर अपनी सदियों पुरानी अवधी पाक विरासत और वैश्विक गैस्ट्रोनॉमी को आकार देने वाली रचनात्मक भावना का जश्न मना रहा है।
ये हैं पांच पकवान जिन्होंने दी पहचान
गलावट कबाब : पुराने लखनऊ की गलियों में घूमते हुए एक सुगंध आपको आकर्षित करेगी, जो गलावट कबाब की होगी। इन्हें लखनऊ की शान माना जाता है और इनका स्वाद मन को मोह लेता है। यह कबाब इतना नरम और स्वादिष्ट होता है कि खाते ही मुंह में घुल जाता है। लखनऊ में टुंडे कबाब और दस्तरख्वान के गलावट कबाब सबसे मशहूर हैं। इस कबाब को शीरमाल, रुमाली रोटी या पराठे के साथ खाया जाता है।
बास्केट-चाट : लखनऊ की ‘बास्केट चाट’ को चाट की रानी माना जाता है। जैसा कि नाम से पता चलता है यह चाट एक टोकरी के आकार में आती है। इसे बनाने में आलू टिक्की, पापड़ी, भल्ले, तले और कटे हुए आलू या सेव, चने, दही और हरी चटनी शामिल हैं। इन पर अंत में कुछ अनार के दाने और मसाला छिड़का जाता है, जो जायके को और बढ़ा देता है। रॉयल कैफे में इस बास्केट चाट का स्वाद लेने लोगों की भीड़ उमड़ती है।
खस्ते और पूड़ी : लखनऊ के लोगों का नाश्ता बड़ा ही जायकेदार होता है। यहां के लोग दिन की शुरुआत गर्मा-गर्म खस्ते या पूड़ियां खा कर करना पसंद करते हैं। मैदे से बने खस्तों के अंदर दाल की स्टफिंग की जाती है और उन्हें आलू की सब्जी या छोले के साथ परोसा जाता है। इसके अलावा पूड़ियां बेहद करारी बनाई जाती हैं और सब्जी के साथ पेश की जाती हैं। आपको ये पकवान हर गली में खाने को मिल जाएंगे।
बिरयानी : अगर आप बिरयानी के शौकीन हैं तो एक बार लखनऊ की बिरयानी जरूर चख कर देखें। यहां की बिरयानी सादगी भरी होती है और उसमें बहुत ज्यादा मसाले इस्तेमाल नहीं किए जाते हैं। आपको यहां की नॉन-वेज बिरयानी तो अच्छी लगेगी ही, साथ ही शाकाहारी बिरयानी भी आपका दिल जीत लेगी। लखनऊ के लोग प्याज, रायते और सालन के साथ बिरयानी का जायका लेना पसंद करते हैं। टुंडे कबाब, इदरीस, लल्ला और वाहिद की बिरयानी बेहद मशहूर है।
मक्खन मलाई : मक्खन मलाई एक मशहूर मीठा व्यंजन है, जिसे खासतौर पर ठंड के मौसम में बनाया जाता है। लखनऊ के नवाब मसूद अब्दुल्लाह के अनुसार, मक्खन मलाई को कई नामों से जाना जाता है। लखनऊ में इसे ‘नमीश’ कहकर पुकारा जाता है। ‘नमीश’ का मतलब है, जो पल भर में घुल जाए। यह लखनऊ के चौक में मिलती है और इसे दूध और क्रीम के मिश्रण से बनाया जाता है। इसे खाने के बाद आपका दिल खुश हो जाएगा।














