लखनऊ, 3 नवंबर 2025। यूपी में 45 हजार होमगार्ड पदों पर भर्ती का ऐलान हो गया है। 14 साल बाद युवाओं को बड़ा अवसर मिला है। राज्य शासन ने भर्ती के लिए शासनादेश जारी कर दिया है, साथ ही गाइडलाइन को भी मंजूरी प्रदान की है।
प्रमुख सचिव होमगार्ड राजेश कुमार सिंह द्वारा हस्ताक्षरित इस शासनादेश में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को एनरोलमेंट की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिलों से रिक्त पदों का प्रस्ताव आने के बाद बोर्ड द्वारा आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके पश्चात लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।
शासनादेश के अनुसार, भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल (10वीं पास) रखी गई है, जबकि आयु सीमा 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों को आयु में छूट के प्रावधान भी लागू होंगे। प्रक्रिया सिपाही भर्ती की तर्ज पर होगी, जिसमें पहले लिखित परीक्षा होगी। इसके आधार पर मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी। फिर शारीरिक मानक परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित होगी। इन सभी चरणों में सफल अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी। महिलाओं को 20 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।
वर्तमान में प्रदेश में लगभग 73 हजार होमगार्ड कार्यरत हैं, लेकिन रिक्तियों के कारण पुलिस विभाग पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। पुलिस महानिदेशक (होमगार्ड) विजय कुमार मौर्य ने हाल ही में मुजफ्फरनगर दौरे के दौरान कहा था कि चयनित होमगार्डों को सिपाही के समान वेतन (लगभग 20,200 रुपये प्रति माह) और भत्ते मिलेंगे। इसके अलावा, उन्हें गृह जनपद में ही ड्यूटी का प्राथमिकता मिलेगी। प्रतिदिन 670-700 रुपये के दैनिक भत्ते के साथ चिकित्सा बीमा, वर्दी भत्ता और विशेष ड्यूटी भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।
प्रदेश के 75 जिलों में रिक्त पदों का जिलेवार विवरण तैयार किया जा रहा है, ताकि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिल सके। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों दोनों में आवश्यकता के अनुरूप पद वितरित होंगे। भर्ती बोर्ड का मुख्यालय लखनऊ में होगा, और आवेदन आॅनलाइन मोड से होंगे। आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द ही अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।

















