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PoK में नेपाल जैसा जेन-Z प्रदर्शन पर उतरा, पाक सरकार संकट में

PoK में जेन-जेड का गुस्सा हिंसक प्रदर्शन में बदला

नई दिल्ली, 7 नवंबर 2025। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जेन-जेड की नई पीढ़ी ने विरोध प्रदर्शन की नई लहर शुरू कर दी है। शुरुआत कॉलेज फीस बढ़ोतरी और मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन के रूप में हुई, लेकिन अब यह पूरे PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन का रूप ले चुका है।

प्रदर्शन की शुरुआत इस महीने की शुरुआत में मुजफ्फराबाद के एक प्रमुख विश्वविद्यालय में हुई थी, जहां छात्रों ने फीस बढ़ोतरी और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की मांग की थी। इसके अलावा रिजल्ट में धांधली को लेकर छात्रों का गुस्सा भी बढ़ा। नई नीति के लागू होने के बाद हजारों छात्रों को फेल कर दिया गया, जिससे छात्रों में नाराजगी और आक्रोश देखने को मिला। प्रशासन ने उनकी मांगों को नजरअंदाज करते हुए विश्वविद्यालय में राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया, जिससे छात्रों की आवाज दब गई।

हालांकि शुरुआत में छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन हाल ही में मुजफ्फराबाद में एक अज्ञात बंदूकधारी ने छात्रों पर गोलीबारी कर दी। इस घटना में एक छात्र घायल हुआ और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में व्यक्ति प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाते दिखाई दिया। यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिससे छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। इसके परिणामस्वरूप प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाए और आगजनी तथा तोड़फोड़ की।

छात्रों की प्रमुख मांग ई-मार्किंग प्रणाली में सुधार की है। अक्टूबर में जारी इंटरमीडिएट प्रथम वर्ष की परीक्षा के परिणामों में हजारों छात्रों ने कम अंक दिए जाने की शिकायत की है। कुछ मामलों में छात्रों को उन विषयों में भी पास कर दिया गया, जिनकी परीक्षा उन्होंने नहीं दी थी। इसके अतिरिक्त, छात्र 1,500 रुपये पुनर्मूल्यांकन शुल्क माफ करने और सेमेस्टर फीस कम करने की भी मांग कर रहे हैं।

यह पहला विरोध प्रदर्शन नहीं है। सितंबर में भी PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जिनमें 12 से अधिक आम नागरिक मारे गए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब पुलिस के अधिकारियों को बंधक बना लिया था। मुजफ्फराबाद में छात्रों को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना ने बड़े कंटेनर लगाये थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें नदी में फेंक दिया था।

प्रदर्शनकारियों की नाराजगी केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। बढ़ती महंगाई, पाकिस्तानी सेना के अत्याचार, आटे और बिजली पर सब्सिडी की कमी और लंबित सुधारों को लेकर लोग सड़क पर उतर आए हैं। यह आंदोलन स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि PoK में नई पीढ़ी अब सिर्फ मांग करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े स्तर पर बदलाव की आवाज़ उठा रही है।