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अमेरिकी शुल्कों के बावजूद भारत के वस्तु निर्यात में वृद्धि कायम

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On नवम्बर 28, 2025
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अमेरिकी शुल्कों के बावजूद भारत के वस्तु निर्यात में वृद्धि कायम

नई दिल्ली, 28 नवंबर 2025। दुनिया के सबसे बड़े बाजार अमेरिका में भारत के माल पर 50 प्रतिशत के ऊंचे शुल्क के बावजूद वस्तु एवं सेवाओं के निर्यात में कुल मिलाकर वृद्धि जारी है और सरकार निर्यात के क्षेत्र में बाजारों के विविधीकरण की रणनीति पर काम कर रही है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने व्यापार बोर्ड (बीओटी) की बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, अमेरिकी शुल्क में बढ़ोत्तरी के बाद भी भारत का निर्यात क्षेत्र मजबूती से खड़ा है। हाल की रिपोर्टों से दिख रहा है कि वस्तु निर्यात में वृद्धि बनी हुई है, और सेवाओं की निर्यात वृद्धि वास्तव में जोरदार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में शुल्क बढ़ने से आशंका थी कि भारत के मछली निर्यात को धक्का लगेगा पर भला हो गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) का पिछले नौ वर्ष से कठोरता से अनुपालन कराये जाने का।

इसके चलते यूरोपीय संघ ने भारत के 102 समुद्री उत्पाद प्रतिष्ठानों के साथ व्यापार को मान्यता प्रदान की है। इसके चलते यूरोपीय बाजार में भारत से मछली के निर्यात में उछाल आया है। श्री गोयल ने बताया कि इस वर्ष अप्रैल से अक्टूबर की अवधि में भारत से समुद्री उत्पादों (मछली) का निर्यात पिछले वर्ष इसी अवधि के 4.21 अरब डालर की तुलना में बढ़ 4.82 अरब डालर के बराबर रहा है।

उन्होंने कहा कि इससे रोजगार तथा व्यवसाय के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। श्री गोयल ने कहा कि भारत के निर्यात क्षेत्र ने विभिन्न देशों और क्षेत्रीय बाजार समूहों के साथ मुक्त व्यापार वार्ताओं को लेकर उत्साह दिखाया है जो उसके भीतर के विश्वास और जुझारूपन को दर्शाता है। वाणिज्य मंत्री ने भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के लिए बातचीत शुरू किये जाने पर बनी सहमति के बारे में कहा कि दोनों पक्ष इसे लेकर बहुत उत्साहित है और उन्हें इस बारे में आज सुबह ही वहां के अपने समकक्ष का एक संदेश मिला है।

उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच दक्षिण अफ्रीका में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात में दोनों पक्षों ने इस तरह के समझौते के लिए बातचीत शुरू करने पर सहमति जतायी है। श्री गोयल ने कनाडा के साथ समझौते की संभावित प्रकृति के बारे में एक सवाल पर कहा, हर मुक्त व्यापार समझौता अपने आधार पर खड़ा होता है, यह समझौता कनाडा और भारत की अपनी परिस्थितियों और दोनों देशों की संवेदनाओं के आधार से तय होगा।

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रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।