वाराणसी, 3 दिसंबर 2025। युवा वैदिक साधक देवव्रत महेश रेखे की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी सराहना की है। काशी पहंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवा वैदिक साधक देवव्रत महेश रेखे और उनके पिता चन्द्रकांत का एक कार्यक्रम में अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर तस्वीर और वीडियो साझा करते हुए लिखा- महाराष्ट्र के 19 वर्षीय युवा वैदिक साधक देवव्रत महेश रेखे ने अद्वितीय साधना और अद्भुत स्मरण शक्ति से 2000 वैदिक मंत्रों को कंठस्थ करते हुए जो अभूतपूर्व उपलब्धि अर्जित की है, वह पूरे आध्यात्मिक जगत के लिए प्रेरणा का नव-दीप है।
शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन शाखा के ‘दण्डकर्म पारायणम्’ को 50 दिनों तक अखंड, शुद्ध और पूर्ण अनुशासन के साथ संपन्न करना, हमारी प्राचीन गुरु-परंपरा के गौरव का पुनर्जागरण है।
मेरे लिए विशेष गर्व का विषय है कि यह वैदिक अनुष्ठान पवित्र काशी की ही दिव्य धरा पर सम्पन्न हुआ। उनके परिवार, आचार्यों, संत-मनीषियों और उन सभी संस्थाओं का हृदय से अभिनंदन, जिनके सहयोग से यह तपस्या सिद्धि को प्राप्त हुई।
देवव्रत जी, आपकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रकाश-स्तंभ बने, ऐसी मंगलकामना के साथ हार्दिक बधाई।
बता दें महेश रेखे मूल रुप से महाराष्ट्र के निवासी हैं। उनका जन्म अहिल्यानगर (पूर्व में अहमदनगर) में ब्राह्मण परिवार में 2006 में हुआ है। उनके घर में वेदों का अध्ययन करने की परंपरा रही है। पिता चंद्रकांत रेखे ने उन्हें शुक्ल यजुर्वेद की माध्यंदिन शाखा का प्रशिक्षण दिया। यह शाखा यजुर्वेद की सबसे प्रचलित और जटिल शाखाओं में से एक है। इसमें कर्मकांड, मंत्र और ऋचाओं का विस्तृत ज्ञान होता है। उनके पिता ही उनके गुरु भी हैं।
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