रायपुर, 10 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ सरकार ने पुराने कानूनों को आसान और नागरिकों के हित में बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार 10 दिसंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 14 अधिनियमों में संशोधन के लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) विधेयक, 2025 के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई।
अधिकांश पुराने कानूनों में छोटी-छोटी गलतियों पर भी जुर्माना या जेल की सजा का प्रावधान है। इससे मुकदमे सालों तक कोर्ट में लटकते हैं। आम आदमी और कारोबारी दोनों परेशान होते हैं। इन परेशानियों को दूर करने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ तथा ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। इससे पहले मार्च 2025 में राज्य सरकार ने 8 कानूनों के 163 प्रावधानों में बदलाव कर पहला जन विश्वास अधिनियम लागू किया था।
अब दूसरे चरण में 11 विभागों के 14 कानूनों के कुल 116 प्रावधानों को सरल बनाया जाएगा। नए विधेयक में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि छोटे-मोटे उल्लंघनों पर अब कोर्ट-कचहरी के बजाय सीधे प्रशासकीय जुर्माना लगेगा। इससे केस जल्दी निपटेंगे, अदालतों पर बोझ कम होगा और लोगों को फौरन राहत मिलेगी। साथ ही कई कानूनों में जुर्माने की राशि दशकों से नहीं बढ़ी थी, जिससे उनमें डर खत्म हो गया था। अब जुर्माने की राशि को मौजूदा समय के हिसाब से बढ़ाया जाएगा ताकि कानून का असर बना रहे।
मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार इन संशोधनों से आम लोगों का भरोसा सरकार पर बढ़ेगा और सुशासन को मजबूती मिलेगी। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है जिसने जन विश्वास विधेयक का दूसरा संस्करण लाने का फैसला किया है। सरकार का दावा है कि ये बदलाव राज्य को निवेश के लिए और आकर्षक बनाएंगे तथा आम नागरिकों का जीवन आसान करेंगे। विधेयक अब विधानसभा में पेश किया जाएगा। मंजूरी मिलते ही नए प्रावधान लागू हो जाएंगे।
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