कोलंबो, 7 अप्रैल 2026। भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंगलवार 7 अप्रैल 2026 की सुबह कोलंबो में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा की गरिमामयी उपस्थिति में ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DCIL) और कोलंबो डॉकयार्ड PLC (CDPLC) के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के तहत, कोलंबो डॉकयार्ड में DCIL के जहाजों के लिए ड्राईडॉकिंग और मरम्मत सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह साझेदारी न केवल तकनीकी सहयोग को बढ़ाएगी, बल्कि समुद्री क्षेत्र में दोनों देशों के बीच व्यावसायिक संबंधों को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
MoU पर DCIL के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैप्टन एस. दिवाकर और CDPLC के MD/CEO थिमिरा एस. गोडाकुम्बुरा ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) और निदेशक मंडल के सदस्य भी उपस्थित रहे, जो इस साझेदारी के महत्व को दर्शाता है।
MDL ने इस समझौते को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इसे लेकर गर्व व्यक्त किया है। इस सहयोग के माध्यम से भारत से श्रीलंका को उच्च-मूल्य वाला ड्राईडॉकिंग और जहाज मरम्मत का व्यवसाय मिलेगा, जिससे कोलंबो स्थित सहयोगी कंपनी के लिए ठोस आर्थिक मूल्य सृजन होने की उम्मीद है।
यह समझौता हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री रणनीति को और मजबूत करेगा। साथ ही, यह दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को गहरा करने में भी सहायक साबित होगा।
भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से मजबूत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं, और हाल के वर्षों में समुद्री सहयोग इन रिश्तों का एक अहम स्तंभ बनकर उभरा है। यह नया समझौता उसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।