प्रतापगढ़, 19 जून 2025। यूपी के प्रतापगढ़ जिले में 1714 आंगनबाड़ी कार्यकत्री जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योति शाक्य के राडार पर हैं। वजह बड़ी है, इन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के खाते में एक-एक हजार रुपये की धनराशि भेज दी गयी है फिर भी शासन की प्राथमिकता वाले कार्य को पूरा करने की बात छोड़िये अभी तक शुरुआत भी नहीं की है।
जानिये पूरी वजह
जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योति शाक्य ने बताया है कि शासन द्वारा चेहरा प्रमाणीकरण प्रणाली के माध्यम से अनिवार्य वितरण, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर उपस्थित बच्चों की उपस्थिति की निगरानी और पंजीकरण के समय चेहरा पहचान व्यवस्था विकसित करने के सम्बन्ध में दिशा निर्देश प्राप्त हुये हैं।
30 जून 2025 तक शत प्रतिशत फेस आथेंटिकेशन एवं ई-केवाईसी का कार्य पूर्ण कराना है। निदेशालय बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा एफआरएस और ईकेवाईसी हेतु डाटा के लिये 1 हजार रूपये आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के खाते में भेजा गया है।
जनपद की 1714 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा चेहरा प्रमाणीकरण का कार्य नहीं शुरू किया गया है। ऐसी स्थिति में 18 जून 2025 को उनका मानदेय अवरूद्ध करते हुये चेतावनी जारी की गई है कि दो कार्य दिवसों में यदि कार्य शुरू नहीं किया गया और दिनांक 30 जून 2025 तक शत प्रतिशत एफआरएस का कार्य पूर्ण नहीं किया गया तो सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जायेगी।