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एआई आधारित तकनीक से दंत रोगों की शीघ्र पहचान संभव: डॉ. उमा

एआई आधारित तकनीक से दंत रोगों की शीघ्र पहचान संभव: डॉ. उमा

रायपुर, 15 दिसंबर 2025। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि एआई चिकित्सा के क्षेत्र में भी तेजी से लोकप्रिय हुई है। इसके परिणाम अच्छे आ रहे हैं। रायपुर की प्रसिद्ध डेंटल सर्जन डॉ. उमा रोहरा ग्वालानी का कहना है कि एआई आधारित तकनीक से दंत रोगों की शीघ्र पहचान संभव है। इससे समय रहते उपचार कर गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

डॉ. उमा रोहरा ग्वालानी रायपुर में ग्वालानी डेंटल स्टूडियो का संचालन करती हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर ग्वालानी डेंटल स्टूडियो द्वारा बाबा गेलाराम जी के वरसी महोत्सव के दौरान गोदड़ीवाला धाम, देवपुरी, रायपुर में एआई तकनीक आधारित निःशुल्क दंत परामर्श शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह इस श्रृंखला का प्रथम शिविर रहा।

डॉ. ग्वालानी ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत इस तरह का निःशुल्क दंत परामर्श अभियान पूरे एक वर्ष तक राज्य के 25 विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम की शुरुआत गोदड़ीवाला धाम की माता मीरा देवी ने की। इस अवसर पर चेंबर अध्यक्ष सतीश थोरानी, पार्षद एवं एमआईसी सदस्य अमर गिदवानी, दिलीप इसरानी, बढ़ते कदम संस्था से इंदर डोडवानी एवं उनकी पूरी टीम, तथा चेंबर ऑफ कॉमर्स के अनेक सदस्य सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

इस शिविर में 500 से अधिक श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने भाग लिया। शिविर की विशेषता यह रही कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के माध्यम से दांतों की जांच कर सेकंडों के भीतर व्हाट्सएप पर डिजिटल रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई, जिसमें दांतों की वास्तविक तस्वीरें, संभावित समस्याएं एवं उनके संभावित उपचार समाधान स्पष्ट रूप से दर्शाए गए।