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जिंदल स्टील के निशानेबाज़ों का कमाल

जिंदल स्टील के निशानेबाज़ों का कमाल, राष्ट्रीय शूटिंग में रचा इतिहास

रायपुर, 20 दिसंबर 2025। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में जीत सिर्फ पदक नहीं लाती, बल्कि खिलाड़ियों के वर्षों के संघर्ष, अनुशासन और धैर्य की कहानी भी कहती है। कुछ ऐसा ही नज़ारा नई दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग चैंपियनशिप (NSSC) में देखने को मिला, जहां जिंदल स्टील के समर्थित एथलीट्स ने अपने प्रदर्शन से भारतीय शूटिंग जगत में नया इतिहास रच दिया।

पुरुष स्कीट स्पर्धा में गुरजोआत सिंह खंगुरा ने जिस आत्मविश्वास और सटीकता के साथ निशाना साधा, उसने दर्शकों और विशेषज्ञों दोनों को प्रभावित किया। पहले से ही रैंक-1 पर चल रहे खंगुरा ने फाइनल मुकाबले में दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया। अनुभवी ओलंपियनों और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के बीच उन्होंने संयम बनाए रखा और 2025 के राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। उनकी यह जीत सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि निरंतर अभ्यास और मानसिक मजबूती बड़े मंच पर फर्क पैदा करती है।

महिला वर्ग में राइज़ा ढिल्लों ने अपने शानदार प्रदर्शन से प्रतियोगिता की रौनक और बढ़ा दी। युवा उम्र में ही परिपक्व खेल दिखाते हुए राइज़ा ने महिला स्कीट और जूनियर महिला स्कीट दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर दोहरा कमाल किया। एक ही चैंपियनशिप में डबल गोल्ड जीतना आसान नहीं होता, लेकिन राइज़ा ने यह साबित कर दिया कि वह भारतीय शूटिंग की उभरती हुई नहीं, बल्कि भविष्य की मजबूत दावेदार हैं।

अनुभव और निरंतरता का उदाहरण पेश करते हुए ओलंपियन मिराज अहमद खान ने भी इस चैंपियनशिप में दो रजत पदक जीतकर अपनी क्लास दिखाई। वर्षों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके मिराज का यह प्रदर्शन युवा निशानेबाजों के लिए प्रेरणा है, कि उम्र और अनुभव सही दिशा में हों तो प्रदर्शन कभी फीका नहीं पड़ता।

इन सभी उपलब्धियों के पीछे जिंदल स्टील का वह विश्वास भी झलकता है, जो कंपनी भारतीय खेल प्रतिभाओं को लंबे समय तक समर्थन देने में दिखाती आई है। जिंदल स्टील ने अपने एथलीट्स की इस ऐतिहासिक सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि वह भविष्य में भी खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देता रहेगा।