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सिक्योरिटी फोर्सेज को अमित शाह का मंत्र, तकनीक से बदलें सुरक्षा तंत्र

सिक्योरिटी फोर्सेज को अमित शाह का मंत्र, तकनीक से बदलें सुरक्षा तंत्र

नई दिल्ली, 28 दिसंबर 2025। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिक्योरिटी फोर्सेज को तकनीक से सुरक्षा तंत्र को बदलने का मंत्र दिया है। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ‘आतंकवाद निरोधी सम्मेलन’ में उन्होंने कुई सुझाव और निर्देश दिये। यह सम्मेलन भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा आयोजित किया गया। सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, आतंकवाद से निपटने वाली केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधि तथा कानून, फोरेंसिक और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हुए।

गृह मंत्री ने एनआईए द्वारा अपडेट किए गए अपराध मैनुअल, हथियार ई-डेटाबेस और संगठित अपराध नेटवर्क डेटाबेस का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ये आधुनिक डिजिटल टूल्स आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई में एजेंसियों को एक साझा और सशक्त मंच प्रदान करेंगे। इससे जांच प्रक्रिया तेज, सटीक और अधिक प्रभावी होगी।

अमित शाह ने कहा कि सभी एजेंसियं को देश और दुनिया में हुई आतंकी घटनाओं का गहन विश्लेषण कर अपनी रणनीतियों को लगातार अपडेट करें। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ आतंकवाद का स्वरूप भी बदल रहा है। आतंकी संगठन अब साइबर स्पेस, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और उन्नत हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को भी तकनीक आधारित समाधान अपनाने होंगे।

गृह मंत्री ने भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अदृश्य और उभरती हुई धमकियों की पहचान कर समय रहते उनकी रोकथाम करना राष्ट्रीय दायित्व है। यह सम्मेलन इसी दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है, जहां विचार-विमर्श और अनुभव साझा कर भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।

उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले की जांच का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय एजेंसियों ने इस मामले में एक पूर्ण और सफल जांच की है। इसके नतीजे आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत किए जाएंगे, जिन्हें दुनिया भर की एजेंसियां अध्ययन के रूप में देखेंगी। गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि इस जांच के निष्कर्ष पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कटघरे में खड़ा करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित मानव संसाधन ही सफलता की कुंजी हैं। सम्मेलन के माध्यम से देश की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।