रायपुर, 31 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ में चालू खरीफ सीजन के लिए धान खरीदी की आज अंतिम तिथि है। सरकार जहां रिकॉर्ड खरीदी के दावे कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर टोकन की किल्लत और व्यवस्थाओं को लेकर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा है। जांजगीर-चांपा जिले में शनिवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। यहां टोकन न कटने से परेशान एक किसान अपनी मांग मनवाने के लिए 200 फीट ऊंचे हाई-वोल्टेज बिजली टावर पर चढ़ गया।
टोकन कटेगा तभी उतरूंगा
जांजगीर-चांपा के निवासी किसान अनिल सूर्यवंशी शनिवार सुबह धान खरीदी केंद्र पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि धान बेचने की अंतिम तिथि होने के कारण केंद्रों पर भारी भीड़ थी। अनिल का आरोप है कि वह पिछले कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आज उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि अब टोकन नहीं कटेगा।
गुस्से और हताशा में अनिल गांव के पास ही स्थित 200 फीट ऊंचे हाई-वोल्टेज बिजली टावर पर चढ़ गए। नीचे खड़ी भीड़ और अधिकारियों की सांसें तब अटक गईं जब उन्होंने चिल्लाकर कहा, जब तक मेरा टोकन नहीं कटेगा और धान खरीदी की गारंटी नहीं मिलेगी, मैं नीचे नहीं उतरूंगा।
प्रशासनिक अमले में मची खलबली
सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मौके पर मौजूद तहसीलदार और समिति प्रबंधक अनिल को नीचे उतारने की समझाइश देते रहे, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़ा रहा। बिजली विभाग को एहतियातन क्षेत्र की लाइन काटने के निर्देश दिए गए ताकि कोई बड़ी अनहोनी न हो। समाचार लिखे जाने तक किसान को नीचे उतारने के प्रयास जारी थे।
दावों और हकीकत के बीच फंसा किसान
छत्तीसगढ़ सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस साल निर्धारित समय सीमा (31 जनवरी) तक राज्य के 92 फीसदी से अधिक पंजीकृत किसानों से धान की खरीद पूरी कर ली गई है। सरकार का कहना है कि यह अब तक की सबसे सुव्यवस्थित खरीदी रही है।
हालांकि, किसान संगठनों और विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार के दावे जमीनी हकीकत से परे हैं। किसानों का आरोप है कि पोर्टल की धीमी गति और तकनीकी खामियों के कारण हजारों किसान पंजीकरण से वंचित रह गए। अंतिम दिनों में बारदाने की कमी और रकबा कटौती की समस्याओं ने मुश्किलें बढ़ाईं।
अभी भी लाखों किसान ऐसे हैं जिनका धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है और उनके पास वैध टोकन नहीं है।
क्या बढ़ेगी खरीदी की तारीख
अनिल सूर्यवंशी जैसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि प्रदेश में धान खरीदी को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। विभिन्न जिलों से धान खरीदी की तिथि 15 फरवरी तक बढ़ाने की मांग उठ रही है। अब देखना यह होगा कि क्या राज्य सरकार किसानों के दबाव और जमीनी परिस्थितियों को देखते हुए अंतिम तिथि में विस्तार करती है या 92 फीसदी का लक्ष्य प्राप्त मानकर खरीदी बंद कर दी जाती है।

















