रायपुर, 7 मार्च 2026। छत्तीसगढ में नक्सल प्रभावित के रूप में पहचाने जाने वाले बीजापुर के लिए गर्व का क्षण है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणामों में बीजापुर के भैरमगढ़ निवासी अंकित सकनी ने सफलता हासिल की है। अंकित ने 816वीं रैंक प्राप्त की है। यह उपलब्धि उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे संवेदनशील क्षेत्र के युवाओं के लिए एक मिसाल बन गई है।
अंकित सकनी ने ने इस सफलता को मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद बताया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परमपिता परमेश्वर को दिया है। वे सकनी चन्द्रया और जमुना सकनी के पुत्र हैं। उनके पिता सकनी चन्द्रया वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं। माता जमुना सकनी पूर्व जनपद सदस्य रह चुकी हैं। राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद अंकित ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली इस परीक्षा में सफलता का परचम लहराया है।
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड अंतर्गत छोटे से ग्राम गुदमा से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करना वास्तव में प्रेरणादायी है। यह उपलब्धि बताती है कि बस्तर की मिट्टी में प्रतिभा और संघर्ष की शक्ति कूट-कूटकर भरी है बस अवसर और विश्वास मिलते ही यहां के युवा पूरे देश में अपनी पहचान बना लेते हैं।

















