प्रतापगढ़, 21 जनवरी 2026। यूपी के प्रतापगढ़ जिले में कुंडा तहसील में हो रही मनमानी की पोल खुलकर सामने आ गयी। 20 जनवरी को अचानक निरीक्षण करने पहुंचे डीएम शिव सहाय अवस्थी ने कई बिंदुओं पर खामियां पकड़ी।
डीएम श्री अवस्थी ने तहसील के समस्त पटलों की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित प्रकरणों तथा न्यायालयीन कार्यों की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया। जिलाधिकारी ने विभिन्न धाराओं में लंबित राजस्व पत्रावलियों, भूलेख पटल, खतौनी कक्ष, पट्टा रजिस्टर, आय एवं जाति प्रमाण पत्र पटल, नजारत, रिकॉर्ड रूम एवं न्यायालय से संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण किया।
यह तथ्य सामने आया
- कई पत्रावलियां वर्षों से लंबित रखी गई हैं, जिनका समयबद्ध निस्तारण नहीं किया गया है।
- तहसीलदार कुण्डा न्यायालय में कई गंभीर प्रशासनिक एवं प्रक्रियात्मक कमियां सामने आईं।
- अनेक फाइलों में प्रार्थना पत्र संलग्न नहीं थे।
- कुछ मामलों में लेखपाल के बयान दर्ज हो जाने के बावजूद आदेश टाइप कर महीनों से लंबित पड़े थे।
- कई पत्रावलियों में लेखपाल के हस्ताक्षर तक नहीं पाए गए।
- कई वादों में वादकारियों को अंतिम अवसर दिए जाने के बावजूद भी निर्णय नहीं लिया गया था।
- कुछ पत्रावलियों में वादकारियों के सादे कागज पर हस्ताक्षर पाए गये।
तहसीलदार कुण्डा पर कार्रवाई के निर्देश
डीएम ने तहसीलदार कुण्डा के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में समयबद्धता एवं निष्पक्षता बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का नैतिक और प्रशासनिक दायित्व है।













