रायपुर, 29 दिसम्बर 2025। भूखे को भोजन कराने की अवाम-ए-हिंद की मानवता की सेवा 2100 दिनों से सतत चली आ रही है। अवाम-ए-हिंद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की सामाजिक संस्था है। इस संस्था का संचालन मोहम्मद सज्जाद खान के नेतृत्व में पिछले 28 वर्षों से हो रहा है। जब शहर की रफ्तार में कई चेहरे अनदेखे रह जाते हैं, तब कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो इंसानियत को अपना धर्म बनाकर हर भूखे चेहरे तक पहुंचने का संकल्प निभाते हैं। रायपुर की सर्वधर्म जनहित एवं सामाजिक संस्था अवाम-ए-हिन्द सोशल वेलफेयर कमेटी इसी मानवीय सोच के साथ निर्धन, असहाय और जरूरतमंदों की सेवा में जुटी हुई है।
इसी मानवीय यात्रा में संस्था ने अपने सुपोषण अभियान के तहत निशुल्क भोजन सेवा के 2100 दिन सफलतापूर्वक पूरे किए। इस अवसर पर संस्थापक मो. सज्जाद खान के कुशल नेतृत्व में उनकी टीम ने शासकीय डी.के.एस. अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों, सड़क पर जीवन गुजार रहे जरूरतमंदों और वंचित तबकों को निशुल्क भोजन व मौसमी फल वितरित किए। यह केवल भोजन नहीं था, बल्कि उस भरोसे की थाली थी जो बताती है कि कोई भूखा अकेला नहीं है।
मो. सज्जाद खान कहते हैं, भूख-प्यास का कोई धर्म नहीं होता। हमारा उद्देश्य यही है कि कोई बेबस भूखा न रहे, कोई भूखा न सोए। बिना किसी शासकीय अनुदान के, आपसी सहयोग से संस्था ने कोरोनाकाल जैसी कठिन परिस्थितियों में भी सेवा का दीप जलाए रखा। लाखों जरूरतमंद अब तक इस सेवा से लाभान्वित हो चुके हैं, जिसे संस्था अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानती है।
सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि ठंड और शीतलहर से बचाने के लिए संस्था पूरे शीतकाल में अस्पतालों, धार्मिक स्थलों और फुटपाथों पर रहने वाले लोगों को कंबल, शाल, स्वेटर जैसे गर्म कपड़े भी उपलब्ध करा रही है।
इस मानवीय अभियान में राजेंद्र शर्मा, अनिल शुक्ल, महावीर जैन, जुबैर खान, राजकुमार साहू, वसीम अकरम, मोतीचंद जैन, कुलविंदर सिंह, फराज खान, मुश्ताक खान सहित अनेक सहयोगी साथ खड़े हैं। यह सेवा साबित करती है कि इंसानियत जब संगठित होती है, तो समाज सचमुच मानवीय बनता है।













