रायपुर, 2 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के कटौद गांव निवासी उपेन्द्र नाथ चन्द्रा ने शुक्रवार को रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में अविरल फाइनेंस कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान वे अपनी पत्नी सरिता और दो छोटी बेटियों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने मीडियाकर्मियों के सामने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि किस तरह कंपनी द्वारा उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
उपेन्द्र नाथ चन्द्रा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2015 में जना स्माल फाइनेंस बैंक में अपनी सेवाएं शुरू की थीं। राज्य के विभिन्न जिलों में कार्य करने के बाद वर्ष 2024-25 में उन्होंने जैजैपुर में अविरल फाइनेंस कंपनी ज्वाइन की। उन्होंने कहा कि अविरल फाइनेंस का पंजीयन ऐसाफ स्वसर्या कॉपरेटिव सोसायटी के नाम से है, जहां कर्मचारियों पर बिना ठोस प्रमाण के गबन का आरोप लगाकर उनसे जबरन पैसे वसूले जाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को धमकाया जाता है और दबाव बनाकर उनसे धनराशि जमा कराई जाती है। उपेन्द्र नाथ चन्द्रा के अनुसार, उनके अलावा 150 से अधिक कर्मचारी इस तरह के उत्पीड़न का शिकार हो चुके हैं, लेकिन डर और दबाव के कारण अधिकांश लोग खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं।
पीड़ित ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका है। अविरल फाइनेंस से अलग होने के बाद वे वर्तमान में बेरोजगार हो चुके हैं, जिससे उनका परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों की परवरिश और घर का खर्च चलाना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है।
प्रेस वार्ता के दौरान उपेन्द्र नाथ चन्द्रा ने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही उन्होंने अपनी पत्नी सरिता के नाम पर आर्थिक सहयोग दिलाए जाने की भी अपील की, ताकि उनके परिवार को इस कठिन समय में राहत मिल सके।













