रायपुर, 17 दिसंबर 2025। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से एनएबीईटी मान्यता प्रमाणपत्र हासिल कर सरगुजा का अदाणी विद्या मंदिर ग्रामीण छत्तीसगढ़ का पहला स्कूल बन गया है, जिसे यह राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ। अदाणी विद्या मंदिर सरगुजा जिले के दूरस्थ जनजातीय गांव सलही में स्थित है।
यह विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध है। यहां मुख्य रूप से उन जनजातीय परिवारों के बच्चों को शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिनकी भूमि राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) की कोयला खनन परियोजना हेतु अधिग्रहित की गई है।
विद्यालय सभी छात्रों को बिना किसी शुल्क के शिक्षा प्रदान करता है। उन्हें पुस्तकें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म, पौष्टिक नाश्ता एवं दोपहर का भोजन उपलब्ध कराता है। विद्यालय ने विस्तृत आंतरिक ऑडिट प्रक्रियाओं से गुजरते हुए 5 और 6 फरवरी, 2025 को एनएबीईटी की ऑन-साइट अंतिम मूल्यांकन परीक्षा सफलतापूर्वक पूर्ण की थी।
क्या है एनएबीईटी मान्यता
- इस मान्यता के बाद विद्यालय में विद्यार्थियों को महानगरों के स्कूलों के समकक्ष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
- इनमें सुव्यवस्थित एवं वैज्ञानिक रूप से डिज़ाइन की गई लाइब्रेरी, सभी कक्षाओं के लिए ई-लर्निंग आधारित कंप्यूटर शिक्षा, पूर्णतः सुसज्जित प्रयोगशालाएं और खेल सुविधाएं शामिल हैं।
- यह मान्यता सुनिश्चित करती है कि अकादमिक योजना और मूल्यांकन सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक प्रथाओं के अनुरूप हों।
- शिक्षकों के लिए संरचित प्रशिक्षण और सतत विकास के अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे कक्षा अनुभव और अधिक समृद्ध व अद्यतन होंगे।
30 किलोमीटर के दायरे से आते हैं बच्चे
सरगुजा के शांत ग्रामीण एवं घने वन क्षेत्र में स्थित यह विद्यालय छत्तीसगढ़ का पहला स्कूल है, जिसने यह उपलब्धि हासिल की है। यहां छात्रों को विद्यालय बसों द्वारा जंगल के 30 किलोमीटर के दायरे से लाया जाता है।














