मुख्यमंत्री योगी जी…प्रतापगढ़ की यह भी सड़क बनवाइए, बच्चों की पढ़ाई पर है संकट

प्रतापगढ़, 20 जुलाई 2025। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के बाबागंज विधान सभा क्षेत्र में बाबूराय जहानपुर से धमोहन उतरार संपर्क मार्ग की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। यह 7 किलोमीटर लंबी सड़क प्राथमिक विद्यालय धमोहन, रामसेवक इंटर कॉलेज धमोहन, माताबदल श्री कृष्ण लघु माध्यमिक विद्यालय धमोहन, शिवम प्राथमिक विद्यालय धमोहन, प्राथमिक विद्यालय उतरार और प्राथमिक विद्यालय लोदीपुर को जोड़ती है। प्रतिदिन इस मार्ग से हजारों बच्चे स्कूल आने-जाने के लिए गुजरते हैं, लेकिन सड़क की जर्जर हालत ने बच्चों की पढ़ाई और स्थानीय लोगों की दिनचर्या को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है।

इस सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। गड्ढों से भरी यह सड़क बरसात के मौसम में कीचड़ और जलभराव से और भी बदतर हो जाती है। नतीजतन, सैकड़ों बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बरसात में सड़क पर चलना असंभव हो जाता है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, और कई बार तो गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। इस मार्ग से न केवल स्कूलों का संपर्क है, बल्कि भार्गव, पूरे कोहरान, पूरे नाथ, गुलाम चम्पतपुर, मेड़हा, पूरे योद्धा, लाल उत्तरार जैसे गांवों के निवासियों का भी रोजाना आवागमन होता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क की मरम्मत के लिए कई बार प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक अन्य ग्रामीण श्यामलाल ने कहा, यह सड़क गांव और स्कूलों के लिए लाइफलाइन है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसकी सुध नहीं ले रहे। बच्चों के अभिभावक भी चिंतित हैं, क्योंकि सड़क की स्थिति के कारण बच्चों की शिक्षा बाधित हो रही है। खासकर बरसात के मौसम में जलभराव और कीचड़ के कारण बच्चे स्कूल पहुंच ही नहीं पाते।

इस मार्ग की बदहाली ने न केवल शिक्षा पर असर डाला है, बल्कि ग्रामीणों के दैनिक जीवन को भी मुश्किल बना दिया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग किया है कि सड़क की मरम्मत और पक्कीकरण कराया जाये। गांव के लोगों का कहना है कि हमें यकीन है कि यदि हमारी बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचेगी तो निश्चित समस्या का समाधान हो जाएगा। जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है, ताकि बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों की सुविधा बहाल हो सके।