रायपुर, 9 फरवरी 2026। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित बस्तर के भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि आने वाले 10 साल बाद बस्तर देश का सबसे विकसित ट्राइबल ज़िला होगा। यह बातें उन्होंने 8 फरवरी को रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कही।
अमित शाह ने कहा कि माओवादी समस्या को विकास में अनदेखी की उपज मानने वाले देश को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब नक्सली समस्या शुरू हुई उस वक्त देश में बस्तर से अधिक अविकसित 100 ज़िले थे लेकिन वहां नक्सलवाद की समस्या क्यों नहीं पनपा।
उन्होंने कहा कि अगर बस्तर माओवादी हिंसा से पीड़ित न होता, तो अपार खनिज संपदा से परिपूर्ण यह संभाग देश का सबसे समृद्ध क्षेत्र होता। गृह मंत्री ने कहा कि यह समस्या कानून व्यवस्था औऱ विकास के साथ नहीं जुड़ी है, बल्कि आइडियोलॉजी के साथ जुड़ी है।
श्री शाह ने सवाल उठाया कि इस मूवमेंट का नाम माओवाद क्यों रखा गया है क्योंकि इस विचारधारा में ही समस्या का समाधान बंदूक से ही निकलता है। माओवादियों ने गरीब, अशिक्षित, आदिवासी युवा बच्चों के हाथों में हथियार पकड़ा दिए और तिरुपति से पशुपतिनाथ का रेड कॉरिडोर का नारा दे दिया। साढ़े चार दशक तक इस क्षेत्र के विकास को रोककर बैठे रहे।
माओवादियों ने इस क्षेत्र के विकास को रौंदा है। उन्होंने कहा कि 10 साल बाद बस्तर देश का सबसे विकसित ट्राइबल ज़िला होगा। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान बंदूक से निकलता है, यह माओवादी विचारधारा की उपज है, जबकि हमारे संविधान की आत्मा संवाद, चर्चा और समाधान में है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि लाल आतंक का समर्थन करने वालों नें दशकों तक इस क्षेत्र में विकास को नहीं पहुंचने दिया। उन्होंने कहा कि आज यहां फिर स्कूल, अस्पताल बन गए हैं। सड़क बनी हैं, रेल आ रही है औऱ भारत सरकार सात लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने वाली योजना भी मंजूर करने वाली है।
श्री शाह ने कहा कि हजारों आदिवासी बच्चे मारे गए, जीवन बर्बाद हो गए और ये लोग प्रचार कर रहे हैं कि सरकार गोली चला रही है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार किसी पर गोली चलाना नहीं चाहती, सभी नक्सली हथियार डाल दें तो रेड कारपेट बिछाकर हम उनका स्वागत करेंगे।
गृह मंत्री ने कहा कि जो बच्चियां हाथ में बंदूक लेकर खड़ी हैं, उनसे विनती है कि वे जरूर सरेंडर करें क्योंकि उनके आगे बहुत अच्छा जीवन राह देख रहा है। श्री शाह ने कहा कि 90% क्षेत्र नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और 31 मार्च 2026 से पहले हम इस देश से माओवादी समस्या को जड़ समेत उखाड़ कर फेंक देंगे।














