गौरा में घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीमें, संचारी रोगों के विरुद्ध छेड़ी जंग

गौरा (प्रतापगढ़), 10 अप्रैल 2026। बदलते मौसम के साथ संचारी रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरा के अंतर्गत आने वाले गांवों में शुक्रवार से ‘दस्तक अभियान’ का शंखनाद कर दिया गया। 10 से 30 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मी अब हर दरवाजे पर दस्तक देकर बीमारी को मात देने की तैयारी में जुट गए हैं।

बीमारियों की पहचान और ई-कवच पर फीडिंग

अभियान की गंभीरता को देखते हुए सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय कुमार सिंह ने सभी संगिनी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस 20 दिवसीय अभियान के दौरान कोई भी घर छूटना नहीं चाहिए।

अधीक्षक के निर्देश

  • बुखार, सर्दी, जुकाम और खांसी के मरीजों की पहचान करेंगी।
  • टीबी, कुष्ठ रोग और फाइलेरिया जैसे गंभीर रोगों के लक्षण वाले व्यक्तियों की सूची तैयार की जाएगी।
  • चिन्हित किए गए सभी संभावित मरीजों का डेटा तत्काल ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा ताकि उन्हें समय पर उचित उपचार मिल सके।

आभा आईडी और ग्राम सर्वे पर जोर

इस अभियान के दौरान केवल रोगों की पहचान ही नहीं, बल्कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। अधीक्षक ने निर्देश दिए कि जिन ग्रामीणों की अभी तक ‘आभा आईडी’ नहीं बनी है, उनकी आईडी मौके पर ही बनाई जाए। इसके साथ ही, स्वास्थ्यकर्मियों को अपना नियमित ग्राम सर्वे जारी रखने और क्षेत्र की साफ-सफाई व जलभराव की स्थिति पर भी नजर रखने को कहा गया है।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

डॉ. अजय कुमार सिंह ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दस्तक अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई स्वास्थ्यकर्मी सूची बनाने या पोर्टल पर फीडिंग करने में कोताही बरतता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जागरूकता ही बचाव

अभियान के पहले दिन ही स्वास्थ्यकर्मी गांवों की पगडंडियों पर नजर आए। वे लोगों को केवल दवाएं ही नहीं बता रहे, बल्कि यह भी समझा रहे हैं कि घर के आसपास पानी न जमा होने दें, मच्छरों से बचें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। स्वास्थ्य विभाग की इस सक्रियता से ग्रामीणों में सुरक्षा का भाव देखा जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि समय रहते पहचान होने से संचारी रोगों के ग्राफ में भारी गिरावट आएगी।