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सुरक्षा, तकनीक और संस्कृति के मोर्चे परे भारत और थाईलैंड के बड़े ऐलान

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बैंकॉक, 3 अप्रैल 2025। भारत और थाईलैंड ने दोस्ती का नया चैप्टर लिख दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और थाईलैंड की पीएम यिंगलक शिनावात्रा की बैंकॉक में हुई बैठक ने दोनों देशों को रणनीतिक साझेदार बना दिया। सुरक्षा, तकनीक और संस्कृति के मोर्चे पर बड़े ऐलान के साथ छह समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और समृद्धि का नया रोडमैप तैयार करेंगे।

दोनों देश अब मानव तस्करी और अवैध प्रवास के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे। सुरक्षा एजेंसियों के बीच रणनीतिक संवाद शुरू होगा, ताकि साइबर अपराधों से लेकर हर चुनौती पर नकेल कसी जा सके। लेकिन बात यहीं नहीं रुकी—डिजिटल टेक्नोलॉजी, लघु उद्यम, हथकरघा और हस्तशिल्प में सहयोग का रास्ता भी खुल गया।

समझौतों की लिस्ट में कई बड़े नाम हैं। डिजिटल क्रांति के लिए भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय और थाईलैंड का डिजिटल अर्थव्यवस्था मंत्रालय हाथ मिलाएंगे। गुजरात के लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स को थाईलैंड के संस्कृति मंत्रालय का साथ मिलेगा। लघु उद्यमों के लिए एनएसआईसी और थाईलैंड का ओएसएमईपी साथ आएंगे, तो भारत के नॉर्थ-ईस्ट को थाईलैंड के साथ जोड़ने के लिए दो बड़े एमओयू साइन हुए।

मोदी ने थाईलैंड के आतिथ्य की तारीफ की

मोदी ने थाईलैंड के आतिथ्य की तारीफ करते हुए कहा, हमारे रिश्ते बौद्ध धर्म, रामायण और संस्कृत से जुड़े हैं। अयुत्थया से नालंदा तक का इतिहास हमारी ताकत है। उन्होंने 28 मार्च के भूकंप पीड़ितों के लिए संवेदना जताई और एक बड़ी घोषणा की-1960 में गुजरात में मिले बुद्ध के अवशेष थाईलैंड भेजे जाएंगे।

पिछले साल भी 4 मिलियन थाई श्रद्धालुओं ने बुद्ध अवशेषों के दर्शन किए थे। शिनावात्रा ने मोदी को त्रिपिटक भेंट किया, तो थाईलैंड ने रामायण म्यूरल पर डाक टिकट जारी कर भारत को सम्मान दिया। मोदी ने कहा, महाकुंभ में 600 थाई श्रद्धालु आए, यह हमारी सांस्कृतिक ताकत है।

थाई पर्यटकों को भारत में फ्री ई-वीजा मिलेगा

दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत में नियम-आधारित नौवहन और आसियान की एकता पर जोर दिया। टूरिज्म और बिजनेस को बूस्ट देने के लिए बड़े कदम उठे। थाई पर्यटकों को भारत में फ्री ई-वीजा मिलेगा। नवीकरणीय ऊर्जा, रोबोटिक्स, स्टार्टअप्स और फिनटेक में भी पार्टनरशिप होगी। मोदी ने कहा, हमारी एक्ट ईस्ट नीति में थाईलैंड खास है। यह रिश्ता शांति और प्रगति का नया रास्ता बनाएगा।

Ramesh Pandey

मेरा नाम रमेश पाण्डेय है। पत्रकारिता मेरा मिशन भी है और प्रोफेशन भी। सत्य और तथ्य पर आधारित सही खबरें आप तक पहुंचाना मेरा कर्तव्य है। आप हमारी खबरों को पढ़ें और सुझाव भी दें।

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