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रायपुर की लोक अदालत में निराकृत हुए 12 लाख से अधिक मामले

रायपुर, 15 दिसंबर 2025। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2025 की अंतिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर को छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक सफलतापूर्वक किया गया। यह आयोजन न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन तथा न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल, कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार संपन्न हुआ।

नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निराकरण किया गया। इस दौरान पक्षकारों की भौतिक और वर्चुअल दोनों माध्यमों से उपस्थिति सुनिश्चित की गई। हाइब्रिड मॉडल में आयोजित इस लोक अदालत ने आम जनता को त्वरित, सरल और सुलभ न्याय प्रदान किया।

जिला रायपुर में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय सुधीर कुमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण तथा स्थायी लोक अदालत के सभापति ऋषी कुमार बर्मन द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, पक्षकार, बैंक अधिकारी, राजस्व एवं नगर निगम के अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारी, पैरालीगल वालंटियर तथा विधि और स्कूल के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा ने कहा कि नालसा और सालसा के तत्वावधान में आयोजित नेशनल लोक अदालत के माध्यम से जनता तक न्याय को सरल और सहज तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस लोक अदालत में पारिवारिक, दांडिक, सिविल, राजस्व, पेंशन, जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण किया गया।

नेशनल लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए ट्रैफिक लाउडस्पीकर, रेलवे स्टेशन के अनाउंसमेंट सिस्टम, पैरालीगल वालंटियर और ग्रामीण क्षेत्रों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर द्वारा तालुका विधिक सेवा समितियों के माध्यम से लोगों को अपने मामलों की जानकारी लेने और राजीनामे के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के सहयोग से चार श्रवण यंत्रों का वितरण किया गया। वहीं श्रम विभाग के सहयोग से असंगठित क्षेत्र के कामगारों को नालसा की योजना के अंतर्गत श्रमिक कार्ड वितरित किए गए। प्रधान जिला न्यायाधीश ने विभिन्न विभागों और बैंकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर और गुरुद्वारा धन-धन बाबा साहिब जी तेलीबांधा के संयुक्त तत्वावधान में दूर-दराज से आए पक्षकारों को निःशुल्क भोजन की व्यवस्था भी की गई। मोहल्ला लोक अदालत के अंतर्गत जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों में मौके पर जाकर त्वरित निर्णय किए गए, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिली।

निराकृत प्रकरणों का संक्षिप्त विवरण

  • राजस्व न्यायालय: 8,12,991
  • कुटुंब न्यायालय: 99
  • न्यायालय में लंबित मामले: 32,944
  • प्री-लिटिगेशन व नगर निगम मामले: 90,413
  • जनोपयोगी सेवाएं: 589
  • मोहल्ला लोक अदालत: 11,839
  • कॉमर्शियल कोर्ट: 4

नेशनल लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को कुल 63 करोड़ 47 लाख 46 हजार 991 रुपये की राशि प्राप्त हुई। यह आयोजन न्याय तुहर द्वार योजना के तहत न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।