अमित कटारिया हैं देश के सबसे अमीर IAS, छत्तीसगढ़ में दे रहे सेवा

अमित कटारिया हैं देश के सबसे अमीर IAS, छत्तीसगढ़ में दे रहे सेवा

रायपुर, 22 जून 2025। अमित कटारिया, छत्तीसगढ़ कैडर के 2004 बैच के IAS अधिकारी, देश के सबसे अमीर IAS अधिकारियों में शुमार हैं। उनकी अनुमानित संपत्ति 8.90 करोड़ रुपये है, जो मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर में उनके परिवार के रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन व्यवसाय से आती है। लेकिन उनकी पहचान केवल संपत्ति से नहीं, बल्कि … Read more

रामराज फाउंडेशन के जरिए रायपुर की मां हर दिन जरुरतमंदों को खिला रही प्रसाद

रायपुर, 2 जून 2025। कभी हालात ऐसे थे कि दो वक्त की रोटी भी मयस्सर नहीं थी। पड़ोसी बच्चों को खाना खिला रहे थे, स्कूल की फीस भर रहे थे। आंखों में आंसू, दिल में बेबसी, और सिर पर जिम्मेदारियों का बोझ था। लेकिन आज वही महिला हजारों भूखों का सहारा बन चुकी है। यह कहानी है रायपुर के शैलेन्द्र नगर की रहने वाली शोभा बावनकर की जो एक मां, एक योद्धा, और अब एक समाजसेविका हैं। साल 2008 से 2014 तक शोभा का जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। दो छोटे बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी अकेले उनके कंधों पर थी। उन दिनों बच्चों की आंखों में उम्मीद देख, खाली थाली की चिंता होती थी। लेकिन शोभा ने हार नहीं मानी। संघर्षों के बीच उन्होंने खुद को मजबूत किया और एक वचन लिया- जब भी ऊपरवाला मुझे कुछ देगा, मैं उसका हिस्सा जरूर उन लोगों तक पहुंचाऊंगी, जो आज जैसी स्थिति में होंगे। समय बदला, और 2014 के बाद धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी। उन्होंने वेलनेस कोचिंग का क्षेत्र चुना और 22 आउटलेट्स की मालिक बन गईं। आज उनके पास खुद का सुंदर बंग्ला है, थार जैसी लक्ज़री गाड़ी है, और समाज में एक पहचान है। लेकिन शोभा को कभी भी इस सफलता का घमंड नहीं हुआ। उन्हें हमेशा उन दिनों की याद रही, जब एक रोटी भी किसी वरदान से कम नहीं लगती थी। यही कारण है कि 2024 में जब उनके बेटे लक्ष्य ने उन्हें बताया कि वह हनुमान जी का भक्त है और जीवन में कुछ बड़ा करना चाहता है, तो शोभा ने यह अवसर अपने संकल्प को साकार करने के रूप में लिया। उन्होंने बेटी कामिनी और बेटे लक्ष्य के साथ मिलकर रामराज फाउंडेशन की स्थापना की। इस फाउंडेशन का एकमात्र उद्देश्य है- भूखे पेट को भरना, और वह भी प्रसाद के रूप में। 15 दिसंबर 2024 से रामराज फाउंडेशन लगातार गरीब और असहाय लोगों तक भोजन पहुंचा रहा है। शोभा मानती हैं कि जब भोजन भगवान को भोग लग जाता है, तब वह प्रसाद बन जाता है। और जब कोई व्यक्ति प्रसाद ग्रहण करता है, तो उसके जीवन में सिर्फ पेट की भूख ही नहीं, आत्मा की तृप्ति भी होती है। शोभा की इस सोच ने ही उन्हें इस्कॉन से जोड़ दिया। अब उनका फाउंडेशन जल्द ही इस्कॉन के सहयोग से प्रसादम वितरण करेगा। इस साझेदारी के पीछे उनका उद्देश्य सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करना भी है। शोभा के बेटे लक्ष्य और बेटी कामिनी भी उनके इस मिशन में कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। लक्ष्य स्वयं कई बार भोजन वितरण के लिए गाड़ियों में बैठकर बस्तियों में जाता है, लोगों से मिलता है, उन्हें सुनता है और उन्हें भोजन का आदर करना सिखाता है। कामिनी योजना और लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी संभालती हैं, ताकि कोई भूखा न रहे। शोभा कहती हैं, भूख एक एहसास है, जिसे सिर्फ वही समझ सकता है जिसने उसे जिया हो। जब बच्चों की आंखों में रोटी की उम्मीद दिखती थी, तब मैंने अपने भीतर एक वचन लिया था। आज जब मैं किसी को मुस्कुराते हुए खाना खाते देखती हूं, तो मुझे लगता है जैसे मेरा हर संघर्ष सफल हो गया। आज शोभा बावनकर सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक प्रेरणा हैं। उन्होंने यह सिखाया कि कठिनाइयां चाहे जितनी भी बड़ी हों, अगर इरादा मजबूत हो, तो वह किसी को भी दूसरों की जिंदगी बदलने वाला बना सकती हैं। इस कठिन सफर ने उन्हें न सिर्फ एक सफल महिला उद्यमी बनाया, बल्कि एक ऐसी मां, और एक दूत बना दिया है, जो भूख से लड़ते हजारों लोगों के लिए आशा की किरण हैं। शोभा बावनकर की यह कहानी हर उस व्यक्ति को संबल देती है, जो आज हार मान बैठा है। वह बताती हैं कि अंधेरे में भी रास्ता होता है, बशर्ते आप खुद को जलाना जानते हों। उनकी यह यात्रा साबित करती है कि जीवन की असली सफलता धन में नहीं, बल्कि उस क्षण में है जब आप किसी के जीवन में रोशनी भरते हैं। अगर हम सभी अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार समाज को थोड़ा-थोड़ा लौटाएं, तो शायद इस दुनिया से भूख, दर्द और अकेलापन खत्म हो सकता है। शोभा बावनकर जैसी कहानियां हमें यह याद दिलाती हैं कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है।

रायपुर, 2 जून 2025। कभी हालात ऐसे थे कि दो वक्त की रोटी भी मयस्सर नहीं थी। पड़ोसी बच्चों को खाना खिला रहे थे, स्कूल की फीस भर रहे थे। आंखों में आंसू, दिल में बेबसी, और सिर पर जिम्मेदारियों का बोझ था। लेकिन आज वही महिला हजारों भूखों का सहारा बन चुकी है। यह … Read more

मुख्तार अंसारी गैंग का शूटर अनुज कनौजिया एनकाउंटर में ढेर

मुख्तार अंसारी गैंग का शूटर अनुज कनौजिया एनकाउंटर में ढेर

जमशेदपुर, 30 मार्च 2025। झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ में ढाई लाख के इनामी शूटर अनुज कनौजिया को मार गिराया गया। यह एनकाउंटर यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में हुआ। अनुज कुख्यात मुख्तार अंसारी गैंग का सक्रिय सदस्य था और लंबे समय से फरार चल रहा था। … Read more

रांची में प्रतापगढ़ के युवक दिनेश गौड की सड़क हादसे में मौत

रांची में प्रतापगढ़ के युवक दिनेश गौड की सड़क हादसे में मौत

रांची, 30 मार्च 2025। यूपी के प्रतापगढ़ जिले के युवक दिनेश गौड की झारखंड की राजधानी रांची में हुए सड़क हादसे में मौत हो गयी। मिली जानकारी के मुताबिक प्रतापगढ़ के अंतू कोतवाली क्षेत्र के गडवारा निवासी दिनेश गौड ट्रक चलाता था। उसने अपने साथ प्रतापगढ़ के ही उपाध्यायपुर निवासी गोविंद सरोज को खलासी रखा … Read more

अब एक वर्ष में 3 बार आयोजित होगी सीए की फाइनल परीक्षा

अब एक वर्ष में 3 बार आयोजित होगी सीए की फाइनल परीक्षा

नई दिल्ली 29 मार्च 2025। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स यानि सीए की फाइनल परीक्षा अब एक वर्ष में 3 बार आयोजित होगी। भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) ने 26 मार्च 2025 को इस बात की घोषणा की। आईसीएआई ने कहा है कि इससे छात्रों को अधिक अवसर प्राप्त हो सकेंगे। संस्थान के अध्यक्ष, सीए चरणजोत सिंह नंदा … Read more

ATM से हर महीने 5 ट्रांजेक्शन निःशुल्क, अतिरिक्त पर 23 रुपये तक शुल्क

ATM से हर महीने 5 ट्रांजेक्शन निःशुल्क, अतिरिक्त पर 23 रुपये तक शुल्क

आरबीआई ने बदले ATM नियम मुंबई, 29 मार्च 2025। भारतीय रिजर्व बैंक यानि आरबीआई ने 28 मार्च 2025 को ATM के उपयोग को लेेकर नियमों में बदलाव किया है। आरबीआई ने घोषणा की है कि ग्राहक अपने बैंक के ATM से अब हर महीने 5 निःशुल्क लेनदेन कर सकेगा। यह लेनदेन वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों … Read more