रायपुर, 19 जून 2025। कल सिनेमाघरों में एक ऐसी धुन गूंजने वाली है, जो छत्तीसगढ़ी सिनेमा के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो जाएगी। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं बहुप्रतीक्षित छत्तीसगढ़ी फिल्म संगी रे लहुट के आजा की, जो 20 जून को पूरे प्रदेश में धूम मचाने को तैयार है। यह फिल्म न केवल छत्तीसगढ़ी सिनेमा की पहली संगीत-प्रधान कहानी है, बल्कि यह प्यार, सपनों और संघर्ष की ऐसी मधुर सिम्फनी है, जो दर्शकों के दिलों को छू लेगी।
फिल्म की कहानी दो गायकों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनके दिल की धड़कनें संगीत की ताल पर थिरकती हैं, लेकिन उनके सपनों का सफर आसान नहीं है। यह कहानी है प्रेम की, जो हर बाधा को पार करने की हिम्मत देता है; यह गाथा है संघर्ष की, जो सपनों को हकीकत में बदलने की जिद रखता है। इस अनोखी कहानी को पर्दे पर जीवंत करने के लिए छत्तीसगढ़ी सिनेमा के सितारों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
फिल्म में मुख्य भूमिका में नजर आएंगे नवोदित अभिनेता प्रतीक, जो इस फिल्म के जरिए अपने फिल्मी करियर की शानदार शुरुआत कर रहे हैं। उनके साथ हैं छत्तीसगढ़ी सिनेमा की चमकती सितारा सिल्की गुहा, जिनकी अदाकारी और खूबसूरती पहले ही दर्शकों का दिल जीत चुकी है। इन दोनों की जोड़ी पर्दे पर ऐसा जादू बिखेरेगी कि दर्शक उनके साथ हंसेंगे, रोएंगे और उनके सपनों में खो जाएंगे।
लेकिन रुकिए, इस फिल्म का आकर्षण यहीं खत्म नहीं होता। छत्तीसगढ़ी सिनेमा के दिग्गज कलाकार प्रकाश अवस्थी, योगेश अग्रवाल और सतीश जैन की तिकड़ी भी इस फिल्म में अपनी छाप छोड़ने को तैयार है। इनके साथ सिखा चितांबरे, पुष्पेंद्र सिंह, सिग्मा उपाध्याय, हेमलाल कौशल और धर्मेंद्र अहिरवार जैसे मंझे हुए कलाकार भी अहम किरदारों में नजर आएंगे, जो कहानी को और भी गहराई देंगे।
इस फिल्म की आत्मा है इसका संगीत, और इसकी रचना की बागडोर संभाली है छत्तीसगढ़ के मशहूर संगीतकार बबला बागची ने। बबला बागची, जिन्होंने पहले मोर छैया भुइयां जैसी सुपरहिट फिल्म में संगीत देकर दर्शकों का दिल जीता था, इस बार न केवल संगीतकार बल्कि निर्देशक की भूमिका में भी नजर आएंगे। यह उनका निर्देशन में पहला कदम है, और ट्रेलर से ही साफ है कि उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से थामा है।
फिल्म के निर्माता सुशील गर्ग ने भी इस प्रोजेक्ट में कोई कसर नहीं छोड़ी है। कैमरे की जादूगरी दिनेश ठक्कर ने की है, जबकि संपादन पूरन किरी और डीआई नितेश झा ने संभाला है। क्रिएटिव हेड शुशांत शर्मा की देखरेख में यह फिल्म एक दृश्यात्मक उत्सव बनकर उभरी है।
संगी रे लहुट के आजा न केवल एक फिल्म है, बल्कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति और संगीत का उत्सव है। यह फिल्म छत्तीसगढ़ी सिनेमा को एक नई ऊंचाई देने का वादा करती है। दर्शकों की उम्मीदें सातवें आसमान पर हैं, और ट्रेलर ने पहले ही सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। हर बीट, हर गीत और हर दृश्य में छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू है, जो दर्शकों को अपनी जड़ों से जोड़ेगी।
20 जून को जब यह फिल्म सिनेमाघरों में उतरेगी, तो यह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक अनुभव होगा। तो तैयार हो जाइए, अपने परिवार और दोस्तों के साथ सिनेमाघरों में इस संगीतमय यात्रा का हिस्सा बनने के लिए। संगी रे लहुट के आजा का जादू आपका इंतजार कर रहा है













