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छत्तीसगढ़ चेम्बर ने शुरू किया बाल श्रम निषेध जागरूकता अभियान

छत्तीसगढ़ चेम्बर ने शुरू किया बाल श्रम निषेध जागरूकता अभियान

रायपुर, 8 जुलाई 2025। छत्तीसगढ़ चेम्बर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की कार्यकारिणी समिति की बैठक के बाद, छत्तीसगढ़ शासन के अपर श्रम आयुक्त एस.एल. जांगड़े के मुख्य आतिथ्य में प्रदेश स्तरीय बाल श्रम निषेध जागरूकता अभियान का शुभारंभ हुआ। यह अभियान बाल श्रम के उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को सुरक्षित, शिक्षित भविष्य प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।

अपर श्रम आयुक्त एस.एल. जांगड़े ने अपने संबोधन में बाल श्रम से संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल श्रम न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि भारतीय कानून के तहत यह एक गंभीर दंडनीय अपराध भी है। जांगड़े ने कानूनों के उल्लंघन पर होने वाली कड़ी कार्रवाइयों और जुर्माने के बारे में बताया, जिससे उपस्थित लोगों में इसकी गंभीरता को लेकर जागरूकता बढ़ी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों का भविष्य शिक्षा और सुरक्षा में है, न कि श्रम में। यह अभियान छत्तीसगढ़ में बाल श्रम को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने व्यापारियों से भावुक अपील की और अनुरोध किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों या संबंधित कार्यों में बाल श्रम को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा, बाल श्रम एक सामाजिक कुरीति है, जिसे जड़ से खत्म करने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करना होगा। व्यापारी समुदाय इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाकर समाज के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है। थौरानी ने यह भी सुनिश्चित करने की अपील की कि किसी भी व्यापारिक गतिविधि में बच्चों को काम पर न रखा जाए।

कार्यक्रम का संचालन चेम्बर महामंत्री अजय भसीन ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन चेम्बर कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया ने किया। इस अवसर पर चेम्बर के कई पदाधिकारी और व्यापारी समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। यह अभियान न केवल व्यापारियों, बल्कि पूरे समाज को बाल श्रम के खिलाफ एकजुट होने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। छत्तीसगढ़ चेम्बर ने इस पहल के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है।