नई दिल्ली, 21 दिसंबर 2025। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने बच्चों के आधार से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए अभिभावकों से समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराने की अपील की है। UIDAI ने 21 दिसंबर 2025 को अपने आधिकारिक ट्विटर (एक्स) अकाउंट के माध्यम से पोस्ट जारी कर बताया कि 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है।
UIDAI के अनुसार, बच्चों के आधार में समय पर बायोमेट्रिक अपडेट न होने की स्थिति में स्कूलों में प्रवेश, विभिन्न परीक्षाओं में पंजीकरण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी आ सकती है। इसी कारण अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों के आधार बायोमेट्रिक्स तय समय सीमा के भीतर अपडेट करा लें, ताकि पहचान और सत्यापन से जुड़ी किसी भी प्रकार की बाधा से बचा जा सके।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि 5 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा 30 सितंबर 2026 तक पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। इस अवधि के दौरान आधार केंद्र पर जाकर बच्चों के फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और फोटो को अपडेट कराया जा सकता है। UIDAI का कहना है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर लेने से भविष्य में होने वाली असुविधाओं से बचा जा सकता है।
UIDAI ने यह भी बताया कि बच्चों के बढ़ते उम्र के साथ उनके बायोमेट्रिक विवरणों में बदलाव आना स्वाभाविक है, इसलिए 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पर बायोमेट्रिक अपडेट को अनिवार्य किया गया है। यह अपडेट आधार की विश्वसनीयता बनाए रखने और पहचान से जुड़ी सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक है।
प्राधिकरण ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करें। इसके लिए पहले से अपॉइंटमेंट लेने की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे भीड़ और समय की बचत हो सके। UIDAI ने कहा कि आधार एक महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज है और इसके विवरणों का अद्यतन रहना सभी नागरिकों के हित में है।
UIDAI की इस अपील को बच्चों के भविष्य से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। समय पर बायोमेट्रिक अपडेट से शिक्षा, छात्रवृत्ति और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहेगा।
















