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एम्स रायपुर में शुरू हुआ ईएनटी विशेषज्ञों का सम्मेलन, राज्यपाल ने नवाचार को सराहा

एम्स रायपुर में शुरू हुआ ईएनटी विशेषज्ञों का सम्मेलन, राज्यपाल ने नवाचार को सराहा

रायपुर, 16 अगस्त 2025। एम्स रायपुर में ईएनटी विशेषज्ञों का सम्मेलन 79वें स्वतंत्रता दिवस पर शुरू हुआ। इसका शुभारंभ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने किया। उन्होंने कहा कि सभ्यता के विकास के साथ-साथ बीमारियां बढ़ी हैं और जीवनशैली ने स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक सर्जरी और नई तकनीकों को बीमारियों के निदान व उपचार में महत्वपूर्ण बताया।

राज्यपाल ने इस सम्मेलन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसका शुभारंभ 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर होना विशेष गौरव का विषय है। यह दिन भारत के 79 वर्षों की स्वतंत्रता और प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने सम्मेलन को ईएनटी क्षेत्र में ज्ञान साझा करने, शोध को प्रोत्साहन देने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का प्रभावी मंच बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल चिकित्सा क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करता है, बल्कि नवाचार को भी बढ़ावा देता है।

श्री डेका ने अपने संबोधन में ईएनटी से जुड़े गंभीर मुद्दों, जैसे सिर और गले के कैंसर, पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में तंबाकू सेवन की व्यापक आदत के कारण ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने समाज और चिकित्सा विशेषज्ञों से इस समस्या से निपटने के लिए संयुक्त प्रयास करने का आह्वान किया। बहरापन जैसी समस्याओं पर भी चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों और इस तरह के सम्मेलनों से जनजागरूकता और समाधान में मदद मिलेगी।

राज्यपाल ने एम्स रायपुर को स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उभरता उत्कृष्ट केंद्र बताते हुए आयोजकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक चर्चाएं, कार्यशालाएं और विचार-विमर्श नए समाधान और बेहतर रोगी परिणामों की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और आतिथ्य की प्रशंसा की।

सम्मेलन में एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. अशोक जिंदल ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। पूर्व निदेशक डॉ. नीतिन नागरकर ने भी अपने विचार साझा किए। स्वागत उदबोधन डॉ. रेणु राजगोपाल ने दिया। इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. मिलिंद वी किर्तने, प्रोफेसर डॉ. ज्योति दाभोलकर, डॉ. मदन कापरे, डॉ. नीतिश जे. शाह सहित देशभर के विशेषज्ञ चिकित्सक, एम्स के फैकल्टी मेंबर्स, मेडिकल कॉलेजों के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

सम्मेलन में नवीनतम तकनीकों, जैसे एआई और रोबोटिक सर्जरी, पर चर्चा हुई, जो ईएनटी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं। राज्यपाल ने इन तकनीकों को अपनाने और शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन चिकित्सा क्षेत्र में क्षमता निर्माण और जनजागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। आयोजन में देशभक्ति और चिकित्सा नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिला, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय रहा।