रायपुर, 7 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ में जंबूरी के आयोजन पर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले को लेकर रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल और प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के बीच जुबानी जंग छिड़ गयी है। सांसद अग्रवाल ने जहां आयोजन में भ्रष्टाचार होने की बात कही है वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री ने भ्रष्टाचार के आरोपों को गलत कहा है। इस आयोजन में 10 करोड़ रुपये का बजट आवंटित है। अब इस 10 करोड़ पर किसकी नजर है, इसे लेकर गिद्ध युद्ध शुरू हो गया है। इस युद्ध में कांग्रेस के नेता सुबोध हरितवाल भी कूद पड़े हैं।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब आयोजन की तैयारी के लिए आमंत्रित टेंडर के खुलने से पहले ही ठेकेदार ने तैयारी पूरी कर दी। दूसरा बिंदु यह भी रहा कि आयोजन नया रायपुर में होना था, उसे स्थानांतरित कर बालोद में आयोजन स्थल तय कर दिया गया। इस आयोजन के लिए 10 करोड रुपये की आवंटित राशि स्काउट एंड गाइड के खाते में जानी थी जिसे बालोद के शिक्षा अधिकारी के खाते में स्थानांतरित कर दी गयी।
6 जनवरी 2026 की शाम सांसद अग्रवाल ने विज्ञप्ति जारी कर आयोजन के रदद होने की घोषणा कर दी। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। सांसद अग्रवाल की विज्ञप्ति में कहा गया कि छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जम्बूरी, जो बालोद में 9 जनवरी से आयोजित की जानी थी, उसे लगातार सामने आ रहे प्रशासनिक विवादों एवं गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को ध्यान में रखते हुए स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
यह निर्णय स्काउट्स एंड गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के वैधानिक अध्यक्ष एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में राज्य परिषद उपाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ सोमवार, 5 जनवरी को आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
बैठक में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि पूर्व में राज्य कार्यकारिणी एवं राज्य परिषद द्वारा राजधानी क्षेत्र नया रायपुर में राष्ट्रीय/आदिवासी रोवर–रेंजर जम्बूरी आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद राज्य परिषद एवं कार्यकारिणी की अनुमति और सहमति के बिना राज्य स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जम्बूरी का आयोजन स्थल बदलकर छोटे कस्बे बालोद में निर्धारित कर दिया गया, जो कि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के संविधान, नियमों एवं प्रक्रियाओं का सीधा उल्लंघन है।
बैठक में यह भी गंभीर तथ्य सामने आया कि राज्य सरकार के बजट में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय जम्बूरी के लिए वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत 10 करोड़ रुपये की राशि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के खाते में स्थानांतरित न कर जिला शिक्षा अधिकारी, बालोद के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। यह कदम न केवल संस्था की स्वायत्तता पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि इसे स्पष्ट वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में माना गया।
इसके अतिरिक्त, बिना विधिवत टेंडर खुले, जम्बूरी स्थल पर निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने, तथा टेंडर आमंत्रण भी भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के बजाय जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किए जाने के आरोपों ने पूरे आयोजन को संदेह के घेरे में ला दिया है। इन तथ्यों के चलते आयोजन से जुड़े भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी समाचार पत्रों के माध्यम से सामने आ रहे हैं।
बैठक में यह दोहराया गया कि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स एक स्वतंत्र, राष्ट्रीय स्तर की स्वायत्त संस्था है, जो अपने संविधान, नियमावली और रूल्स बुक के अनुरूप संचालित होती है, न कि किसी विभागीय आदेश के आधार पर। राज्य स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संस्था के उद्देश्यों, सेवा भाव एवं अनुशासनात्मक ढांचे के विपरीत लगातार हस्तक्षेप किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
इन सभी तथ्यों, विवादों और आरोपों पर गहन विचार–विमर्श के पश्चात यह निर्णय लिया गया कि बालोद में प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जम्बूरी को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इसके बावजूद जम्बूरी का आयोजन किया जाता है, तो उसकी समस्त प्रशासनिक, वित्तीय एवं नैतिक जिम्मेदारी राज्य स्कूल शिक्षा विभाग की होगी।
प्रकरण में बड़ी चुनौती के रूप में सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बीच स्काउट गाइड के अध्यक्ष पद की दावेदारी मुख्य है। दोनों अध्यक्ष होने का दावा कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। स्काउट गाइड का सालभर का कार्यक्रम पहले से तय रहता है। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे मिथ्या हैं। सरकार को बदनाम किया जा रहा है।
स्काउट एवं गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त इंदर जीत सिंह खालसा ने आयोजन स्थल के विवाद पर अनभिज्ञता जताई हैं। उनका कहना है कि उन्हें नवा रायपुर के पुराने प्रस्ताव की जानकारी ही नहीं है। राज्य की कार्यकारिणी ने तय किया था कि आयोजन बालोद में किया जाए।













