रायपुर, 2 जनवरी 2025। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित रामा वर्ल्ड 8 से 10 जनवरी 2026 तक क्यूरेटेड आर्ट रेजिडेंसी और एक्जीबिशन आयोजित कर रहा है। इस एक्जीबिशन के साथ रामा वर्ल्ड अपने रामा गैलेरिया में ‘PEHCHAAN by KADAM’ का शुभारंभ करेगा। यह एक प्रीमियम कॉन्टेम्पररी आर्ट गैलरी होगी।
इसकी स्थापना सरिता अग्रवाल ने की है। ‘PEHCHAAN by KADAM’, इस विश्वास पर आधारित है कि सार्थक कला की शुरुआत समय, भरोसे और सही माहौल से होती है। इस पहल के तहत देशभर से चुने गए दस कलाकारों को एक साथ लाया गया है, जिन्हें अपने कला अभ्यास में गहराई से जुड़ने का दुर्लभ अवसर मिलता है।
एक्जीबिशन में शामिल होंगे ये कलाकार
इस एक्जीबिशन में शामिल कलाकारों में राम डोंगरे भी होंगे, जिनके लेयर्ड कैनवास स्मृति, समय और कल्चरल अवशेषों की पड़ताल होगी। शेख हिफ़ज़ुल का नैरेटिव फोकलोर और जीवन के अनुभवों से प्रेरित हैं। हुकुम लाल वर्मा अपनी इंट्यूइशन और कलर्स से संचालित एक्सप्रेसिव एब्स्ट्रैक्शन कलाओं के लिए जाने जाते हैं। तुषार वाघेला की कला अभ्यास आस्था सिस्टम और कंटेम्पररी रियलीटीज पर सवाल उठाती है। सुनील कुमार यादव के मिक्स्ड-मीडिया कार्य एवरीडे ऑबजेक्ट्स के अनकवर, अनदेखे डायमेंशन्स को उजागर करते हैं।
आशीष कुशवाहा ग्रामीण जीवन और ट्रैडिशनल दृश्य कल्चर से प्रेरणा लेते हैं। चंद्रपाल पांजरे हाथ से सिले वस्त्रों को ग्रामीण मेमरी के ध्यानात्मक रिफ्लेक्शंस में ट्रांसफॉर्म्स करते हैं। मृणाल डे एवरीडे के सोशियो-पोलिटिकल जीवन पर टिप्पणी करने वाले सेटिरिकल फिगरेटिव वर्क्स के लिए पहचाने जाते हैं। नितिश शर्मा की सजीव रचनाएं कॉस्मिक स्पेस और मानव आपसी जुड़ाव की खोज करती हैं। वहीं शुभाग्निल सिंह एक मल्टीडिसिप्लिनरी आर्टिस्ट हैं, जो दृश्य कला और सिनेमा के बीच सेतु बनाते हैं।
यह आर्ट रेजिडेंसी रामा गैलेरिया में आयोजित एक क्यूरेटेड पब्लिक एक्जीबिशन के साथ कलमिनेट होगी, जिसके साथ आर्टिस्ट डायलोग्स और मीडिया से बातचीत भी होगी। नई शुरू की गई आर्ट गैलरी में यह पहला पब्लिक शोकेस होग। यह एक्जीबिशन रामा गैलेरिया के लॉन्गटर्म विजन की दिशा तय करेगी, जिसके तहत सेंट्रल इंडिया में कंटेम्पररी आर्ट को समर्थन देने, क्यूरेटेड एक्जीबिशन के आयोजन और सतत क्रिएटिव रेजिडेंसियों के लिए एक समर्पित कल्चर स्पेस विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस पहल की फिलोसॉफी पर बात करते हुए कदम की संस्थापक सरिता अग्रवाल ने कहा, ‘PEHCHAAN by KADAM’ हमारे इस विश्वास को दर्शाती है कि सार्थक कला की शुरुआत समय, भरोसे और सही एनवायरनमेंट से होती है। जब कलाकारों को खोजने, रिफ्लेक्ट करने और एक्सपेरिमेंट करने के लिए खुला स्थान मिलता है, तो उससे जन्म लेने वाला वर्क ऑथेंटिसिटी और गहराई से भरपूर होती हैं। देश भर से दस टैलेंटेड कलाकारों को एक साथ लाकर यह पहल डायलोग, क्रिएटिव एक्सप्लोरेशन और कंटेम्पररी कला से गहरे जुड़ाव को बढ़ावा देती है।

















