रायपुर, 17 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ के डीएफओ मनीष कश्यप को नेक्सस आफ गुड फाउंडेशन अवॉर्ड्स 2025 से दिल्ली में सम्मानित किया गया है। कश्यप को यह सम्मान गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क को संवारने और पहचान दिलाने के लिए मिला है। जिसके फलस्वरूप अब पार्क में टूरिस्टों की संख्या मिलने के साथ ही पहचान मिल रही है।
आईएफएस मनीष कश्यप को पिछले वर्ष भी ‘महुआ बचाओ अभियान’ के लिए सम्मानित किया गया था। अवार्ड के लिए प्रतिभागियों का चयन यूपीएससी के रिटायर्ड चेयरमैन आईएएस दीपक गुप्ता के कमिटी ने किया। नेक्सस आफ गुड फाउंडेशन रिटायर्ड आईएएस और आईएफएस अधिकारियों की संस्था है जो देश के अधिकारियों और संस्थाओं के नवाचार के कामो को विभिन्न स्तर पर सराहने और प्रोत्साहित करने का काम करती है।
इस वर्ष के अवार्ड सेरेमनी के चीफ गेस्ट भारत सरकार के पूर्व कैबिनेट सेके्रटरी बी. के. चतुर्वेदी रहे। इस वर्ष कुल 150 नवाचार के लिए आवेदन आए। देश के कई अधिकारियों और संस्थाओं को हेल्थ, एजुकेशन, कृषि, प्रशासन,समाज सेवा,महिला उत्थान, इत्यादि के लिए कुल 26 नवाचार काम को अवार्ड के लिए चुना गया।
यह एशिया का सबसे बड़ा मरीन फॉसिल पार्क
मनेंद्रगढ़ में स्थित गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क एशिया का सबसे बड़ा मरीन फॉसिल पार्क है। देश में ऐसे सिर्फ 5 स्थल है जहां मरीन फॉसिल पाये जाते है। इसकी खोज 1954 में हुई थी पर इसको टूरिस्ट स्थल के रूप में पहचान नहीं मिल पायी थी। इस ऐतिहासिक धरोहर को वन विभाग ने संरक्षण के साथ साथ संवारने का काम किया। प्राकृतिक रूप से मौजूद ग्रेनाइट के पत्थरों में पुरातन काल के 35 जानवरों और डायनासोरों की मूर्ति उकेरी गई है। कैक्टस गार्डन, इंटरप्रिटेशन सेंटर और हसदेव नदी में बोटिंग चालू किया गया।
13 हजार से ज़्यादा टूरिस्ट कर चुके हैं पर्यटन
अप्रैल 2025 में उद्घाटन के बाद अब तक इसे देखने 13 हजार से ज़्यादा टूरिस्ट पर्यटन पर आ चुके है। मध्य प्रदेश से भी पर्यटक इसके लिए आकर्षित हो रहे है। भविष्य में ये संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। सरगुजा संभाग में पर्यटक मैनपाट घूमने के लिए ही आते है पर गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क भी अब टूरिस्ट का पसंद बनते जा रहा है।













