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24 अगस्त को छत्तीसगढ़ के 382 से अधिक दिव्यांगों को मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर

24 अगस्त को छत्तीसगढ़ के 382 से अधिक दिव्यांगों को मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर

रायपुर, 22 अगस्त 2025। 24 अगस्त को छत्तीसगढ़ के 382 से अधिक दिव्यांगों को कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराये जाएंगे। यह कृत्रिम हाथ-पैर पूरी तरह से निशुल्क दिये जाएंगे। यह कार्य नारायण सेवा संस्थान करेगा। संस्थान द्वारा रविवार 24 अगस्त को रायपुर स्थित शगुन फार्म, वीआईपी रोड, विशाल नगर पर कैंप आयोजित होगा। इस कैंप में प्रातः 8 से सायं 6 बजे तक कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराएंगे।

कैंप में केवल पूर्व चयनित दिव्यांग ही लाभान्वित होंगे। ऐसे 382 दिव्यांगजन, जिन्हें संस्थान ने 13 अप्रैल के निःशुल्क नारायण लिंब मेजरमेंट कैंप में चयनित किया था, उन्हें ये कृत्रिम अंग दिये जाएंगे।

संस्थान के मीडिया एवं जनसंपर्क निदेशक भगवान प्रसाद गौड़ ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान विगत 40 वर्षों से देश-विदेश में लाखों दिव्यांगों को उनके ही शहर और घर के नजदीक सेवा पहुंचा रहा है। रायपुर में अब वही दिव्यांग, जो किसी हादसे के बाद अपने परिवार पर बोझ समझे जाने लगे थे, संस्थान की जर्मन टेक्नोलॉजी से निर्मित नारायण लिम्ब पहनकर अपने पैरों पर खड़े होंगे और समाज की मुख्यधारा में लौटेंगे।

निदेशक गौड़, शिविर प्रभारी हरि प्रसाद लड्ढा, आश्रम प्रभारी भरत पालीवाल और हेमंत मेघवाल ने इस शिविर का पोस्टर भी जारी किया।

नारायण सेवा संस्थान के बारे में

नारायण सेवा संस्थान 1985 से नर सेवा ही नारायण सेवा है की भावना से कार्यरत है। संस्थापक कैलाश मानव जी को उनकी अद्वितीय सेवा भावना के लिए राष्ट्रपति महोदय द्वारा पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित किया गया है। 30 मई 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उन्हें सामुदायिक सेवा एवं सामाजिक उत्थान श्रेणी में राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया।

संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल दिव्यांगों के लिए मेडिकल, शिक्षा, कौशल विकास और खेल अकादमी जैसी पहल से लाखों जीवनों को संबल प्रदान कर चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्हें भी राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत किया गया। अब तक संस्थान 40,000 से अधिक कृत्रिम अंग नि:शुल्क लगा चुका है।