• Home
  • छत्तीसगढ़
  • डॉ. वर्णिका शर्मा की पहल से महासमुंद जिले के पीडि़त परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद
asr24news

डॉ. वर्णिका शर्मा की पहल से महासमुंद जिले के पीडि़त परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद

रायपुर, 17 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की पहल से पीडि़त परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जाग उठी है। बता दें राज्य के महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत सीमावर्ती गांव में एक बच्चे को बेतहाशा पीटने और घटना से व्यथित होकर बच्चे के पिता ने आत्महत्या कर ली। इसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से डॉ. वर्णिका शर्मा को मिली। उन्होंने इस गंभीर प्रकरण में तुरंत 125 किलोमीटर का सफर तय किया और प्रदेश के दूरस्थ अन्य राज्य से लगे सीमावर्ती गांव में मृतक के परिजनों तथा उनके पुत्र से भेंट कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

घटना की पृष्ठभूमि में यह है कि बीते दिनों एक बालक के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी जिसमें पता चला था कि चोरी के आरोप में एक रसूखदार परिवार ने नाबालिग बालक को निर्वस्त्र कर उसकी बेतहाशा पिटाई की थी। इस घटना के पश्चात जब उसके पिता ने प्रकरण को लेकर आवाज उठाई, तो आरोपियों द्वारा उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर उसने आत्महत्या कर जीवन का त्याग कर लिया।

इस अत्यंत गंभीर घटना की जानकारी प्राप्त होने के पश्चात आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कुछ ही घंटे के भीतर ग्राम कोल्दा पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बालक एवं मृतक के परिजनों को आश्वस्त किया कि आयोग इस प्रकरण को पूरी गंभीरता के साथ लेते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करेगा तथा पीड़ित बच्चे और उसके परिवार को न्याय दिलाने हेतु हर संभव कदम उठाएगा।

डॉ. वर्णिका शर्मा ने संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को तुरंत निर्देशित किया कि मामले में संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए त्वरित, प्रभावी एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही हो सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। आयोग ने इस प्रकरण को स्व संज्ञान लेकर दर्ज कर लिया है और सुसंगत पत्राचार किया है।