गौरा (प्रतापगढ़), 2 अप्रैल 2025। शिक्षा के आंगन में चार दशकों तक ज्ञान की लौ जलाने वाले वरिष्ठ शिक्षक राम आसरे दुबे 31 मार्च 2025 को सम्मानजनक सेवानिवृत्ति को प्राप्त हुए। गौरा इंटर कॉलेज के प्रांगण में जब उन्हें विदाई दी गई, तो समूचा परिसर भावनाओं से सराबोर हो उठा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राम आसरे तिवारी ने उनके अनुकरणीय शिक्षण और सेवा-भावना की सराहना करते हुए कहा, दुबे जी न केवल एक शिक्षक रहे, बल्कि विद्यालय की आत्मा भी थे। उनकी कर्मठता, समर्पण और अनुशासन ने इस संस्थान को एक नई ऊंचाई दी है।
छात्रों की आंखों में सम्मान और सहकर्मियों के मन में स्मृतियों की उजास थी। शिक्षक समुदाय और शिक्षणेत्तर कर्मियों ने उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। युवा पीढ़ी को सुसंस्कार और नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाने वाले राम आसरे दुबे का संबंध क्रांतिकारी गांव कहला से है। एक ऐसा गांव, जो स्वाधीनता संग्राम में किसान क्रांति का केंद्र रहा।
जिस कक्षा में उन्होंने कभी बच्चों को जीवन के मूल मंत्र सिखाए, वही कक्षा आज उनकी स्मृतियों को संजोए खड़ी रही। शिक्षा की इस अविरल धारा को प्रणाम करते हुए पूरा विद्यालय परिवार अपने प्रिय गुरु को अश्रुपूर्ण विदाई देता रहा-जैसे कोई दीपक, अंधकार के विरुद्ध अपनी अंतिम ज्योति जलाकर, अगली पीढ़ी को राह दिखाने चला हो।