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रईया देवी धाम में नवरात्रि समापन पर पहुंचे पूर्व विधायक धीरज ओझा, लिया आशीर्वाद

रईया देवी धाम में नवरात्रि समापन पर पहुंचे पूर्व विधायक धीरज ओझा, लिया आशीर्वाद

गौरा (प्रतापगढ़), 2 अक्टूबर 2025। प्रतापगढ़ जिले के विकास खंड गौरा के अंतर्गत बोर्रा गांव में स्थित प्राचीन रईया देवी धाम पर नवरात्रि उत्सव का भव्य समापन हुआ। इस पावन अवसर पर पूर्व विधायक धीरज ओझा ने विशेष रूप से पहुंचकर मां रईया देवी के चरणों में आशीर्वाद ग्रहण किया।

पूर्व विधायक धीरज ओझा ने समारोह को संबोधित करते हुए सनातन धर्म की गहन महत्ता पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा, सनातन धर्म न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, बल्कि यह जीवन के हर संकट से जूझने की प्रेरणा देता है। नवरात्रि जैसे पर्व हमें शक्ति, भक्ति और एकता का संदेश देते हैं। आज के व्यस्त जीवन में हमें इन मूल्यों को अपनाना चाहिए, ताकि समाज मजबूत बने। श्री ओझा ने मंदिर के सौंदर्यीकरण और विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि वे व्यक्तिगत स्तर पर मंदिर के जीर्णोद्धार, पार्किंग व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, यह धाम क्षेत्र का गौरव है, इसे और भव्य बनाने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

भक्तों की भारी भीड़ के बीच आयोजित इस समारोह ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना दिया। नवरात्रि का यह नौ दिवसीय पर्व, जो शक्ति उपासना का प्रतीक है, हमेशा से ही बोर्रा गांव के लिए विशेष महत्व रखता है। रईया देवी धाम, जो पुराना मंदिर है, स्थानीय ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण भक्तों को आकर्षित करता है। समापन दिवस पर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, आरती और महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।

मंदिर के पुजारी आचार्य अनुराग शास्त्री ने सभी अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया और मां दुर्गा की कृपा की कामना की। इस अवसर पर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और भक्तगणों ने ओझा के प्रयासों की सराहना की। समारोह में दीपक पांडेय, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, लालचंद्र मिश्र, रवि प्रकाश श्रीवास्तव, राजू मौर्य, संजय मौर्य, राजेश गुप्ता, संजय यादव, जीतलाल सरोज, प्यारेलाल गुप्ता, अशोक पांडेय, रामजी पांडेय समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

नवरात्रि समापन के बाद प्रसाद वितरण और सामूहिक भंडारे का आयोजन किया गया, जो क्षेत्रवासियों के बीच एकता का प्रतीक बना। आचार्य अनुराग शास्त्री ने बताया कि अगले वर्ष और भव्य आयोजन की योजना है, जिसमें युवाओं को धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।