फिल्म सूरज लव मीनाक्षी में दिखेगी संस्कारों की झलक

रायपुर, 3 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के प्रेस क्लब में आज हरियाणा की माटी और वहां की समृद्ध संस्कृति की खुशबू महकी। अवसर था अपकमिंग हरियाणवी फिल्म सूरज लव मीनाक्षी के प्रमोशन का। यहां फिल्म के मुख्य कलाकार फिल्म के एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टकर केशव कादियान और अभिनेत्री निशा शर्मा ने मीडिया से खास बातचीत की और फिल्म की मर्मस्पर्शी कहानी के पहलुओं को उजागर किया।

बचपन की मोहब्बत और सामाजिक मर्यादा का द्वंद्व

फिल्म की कहानी हरियाणा के एक छोटे से गांव के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां 19-20 साल के दो युवा, सूरज और मीनाक्षी, मुख्य पात्र हैं। दोनों एक ही गांव के हैं और दसवीं कक्षा से ही एक-दूसरे के प्रति आकर्षण महसूस करते हैं। कहानी में मोड़ तब आता है जब सूरज हिम्मत जुटाकर अपने दिल की बात एक प्रेम पत्र के जरिए मीनाक्षी तक पहुंचाता है। मीनाक्षी भी उसी अंदाज में अपने प्रेम को स्वीकार कर लेती है।

हालांकि, यह अल्हड़ उम्र का प्यार परवान चढ़ने से पहले ही पारिवारिक बंदिशों और सामाजिक मर्यादाओं की चौखट पर आकर रुक जाता है। जब घर वालों को उनके रिश्ते की भनक लगती है, तो फिल्म में पारंपरिक टकराव के बजाय ‘समझदारी’ का एक नया दृष्टिकोण देखने को मिलता है।

संस्कृति के सम्मान में बेनाम रिश्ता

मीडिया से चर्चा करते हुए फिल्म के एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टकर केशव कादियान ने बताया कि फिल्म में मीनाक्षी की मां का किरदार बेहद अहम है। वह सूरज को डांटने के बजाय बड़ी आत्मीयता से समझाती हैं कि ग्रामीण सभ्यता और हरियाणा की संस्कृति के अनुसार, एक ही गांव के भाई-चारे के बीच इस तरह के रिश्ते स्वीकार्य नहीं हैं।

सूरज का किरदार निभा रहे केशव ने आगे साझा किया कि कैसे उनका पात्र अपनी भावनाओं पर विवेक को हावी होने देता है। वह मीनाक्षी से दूरी बना लेता है, और जब मीनाक्षी इस अलगाव का कारण पूछती है, तो सूरज उसे तार्किक और सटीक जवाब देकर अपने रिश्ते को एक ऐसा ‘बेनाम’ लेकिन ‘सुंदर’ मोड़ देता है, जो दर्शकों को भावुक कर देगा।

अभिनेत्री निशा ने अपनी भूमिका के बारे में कहा कि यह फिल्म केवल एक प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि यह रिश्तों की गरिमा को दर्शाती है। रायपुर प्रेस क्लब पहुंचे इन कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की जनता और मीडिया के गर्मजोशी भरे स्वागत की सराहना की। यह फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक देगी, जो युवाओं को प्यार के साथ-साथ अपनी जड़ों और संस्कृति के सम्मान की सीख भी देगी।