प्रतापगढ़, 20 मार्च 2025। प्रतापगढ़ की ऐतिहासिक धरती एक बार फिर सम्मान और गौरव से आलोकित हो उठी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, राजस्थान से राज्यसभा सांसद, और प्रतापगढ़ के रामपुर खास विधानसभा क्षेत्र के रहनुमा प्रमोद तिवारी ने एक नई मिसाल कायम की है। राज्यसभा में सभापति की पीठ पर बैठकर उन्होंने अपने राजनीतिक कौशल और कद को और भी ऊंचा कर दिया। इस उपलब्धि पर जनपद में हर्ष की लहर है, समर्थकों में उल्लास का माहौल है।
रामानुज आश्रम के धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुजदास ने प्रमोद तिवारी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत सम्मान का प्रतीक है, बल्कि संपूर्ण जनपद के लिए गर्व का विषय भी है। उन्होंने प्रतापगढ़ की प्रतिष्ठा को एक नई ऊंचाई दी है।
प्रतापगढ़ की समृद्ध राजनीतिक विरासत में यह अवसर एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ता है। इस भूमि ने पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय जैसे नेता दिए, जो लगातार दो बार सांसद रहे और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी बने। यहां से राजा दिनेश सिंह चार बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा सांसद रहे, तो शिव प्रताप मिश्र बाबा मिश्रा कांग्रेस के प्रति अपनी निष्ठा के कारण छह वर्षों तक राज्यसभा सदस्य रहे।
आज यह संयोग है कि प्रतापगढ़ से तीन-तीन राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी, इमरान प्रतापगढ़ी और अमरपाल मौर्य देश की राजनीति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रतापगढ़ का पहला नेता, जो सभापति की पीठ पर बैठा
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता के रूप में प्रमोद तिवारी ने पैनल ऑफ वाइस चेयरमैन में शामिल होकर सभापति की पीठ से सदन का संचालन किया। यह उपलब्धि उन्हें जनपद प्रतापगढ़ से पहले ऐसे व्यक्ति के रूप में स्थापित करती है, जिन्होंने यह सम्मान प्राप्त किया।
प्रमोद तिवारी की राजनीति में वरिष्ठता, उनकी आदर्श कार्यशैली, गिनीज बुक में नाम दर्ज होना, और ओजस्वी भाषण शैली हमेशा चर्चा का विषय रही है। स्वयं सभापति जगदीप धनकड़ भी उनके अनुभव और विचारों का सम्मान करते हैं।
इस उपलब्धि पर जनपद प्रतापगढ़ गर्वित है और पूरे जिले के लोग प्रमोद तिवारी को बधाइयां और शुभकामनाएं दे रहे हैं। यह सफलता प्रतापगढ़ की राजनीतिक पहचान को और भी मजबूत करती है।