नई दिल्ली, 5 नवंबर 2025। रवि उप्पल दुबई से कैसे भागा, ईडी ढूंढकर लाए। यह निर्देश नाराजगी भरे शब्दों में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को दिया है। खबर की हेडिंग से आप जानना चाह रहे होंगे कि आखिर रवि उप्पल कौन है, उसके अज्ञात स्थान पर छिप जाने से यह हड़कंप क्यों मचा है। पूरी जानकारी खबर में आगे देंगे।
रवि उप्पल छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। वह चर्चित महादेव सटटा ऐप का सह संस्थापक है। मौजूदा समय में वह दुबई में रहकर महादेव सटटा ऐप का संचालन कर रहा था। छत्तीसगढ़ की तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री रहे भूपेश बघेल पर रवि उप्पल को संरक्षण देने का आरोप है।
देश में केन्द्र सरकार ने कानून बनाकर सटटा ऐप को प्रतिबंधित कर दिया है। इसके बाद रवि उप्पल की तलाश तेज हो गयी है। केन्द्र की सरकार ने उसके दुबई में होने की पुष्टि होने के बाद रेड कार्नर नोटिस जारी किया था। बीच-बीच में यह खबर आती रही कि रवि उप्पल को हिरासत में ले लिया गया है। जल्द ही प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी करके उसे भारत लाया जाएगा।
इस बीच यह खबर आई कि रवि उप्पल दुबई से फरार हो गया है। इस पूरे मामले की छानबीन ईडी कर रही है। बुधवार 5 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और महादेव सट्टेबाजी ऐप घोटाले में फरार चल रहे सह-संस्थापक रवि उप्पल का पता लगाने और उसे सुरक्षित करने का सख्त निर्देश प्रवर्तन निदेशालय को दिया।
न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि सफेदपोश अपराधियों को अदालतों और जांच एजेंसियों को ‘खिलौना’ बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। रवि उप्पल दुबई से भागकर किसी अज्ञात स्थान पर चला गया है, जिससे भारत की प्रत्यर्पण प्रक्रिया को झटका लगा है।
रवि उप्पल और महादेव बेटिंग ऐप में संबंध
महादेव ऑनलाइन बुकिंग ऐप (Mahadev Betting App) एक अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है। इसकी शुरुआत 2018 में छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी रवि उप्पल और उनके साथी सौरभ चंद्राकर ने की थी। यह ऐप पोकर, कार्ड गेम्स, क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन और यहां तक कि चुनाव परिणामों पर ऑनलाइन सट्टा लगाने की सुविधा देता था। ईडी की जांच में पता चला कि यह सिंडिकेट रोजाना 200-240 करोड़ रुपये का कारोबार करता था, कुल घोटाला 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का है।
ऐप के जरिए 3,200 से ज्यादा पैनल ऑपरेटर काम करते थे, जो भारत सहित विदेशों में फैले थे। दुबई में 20 विला किराए पर लेकर 3,500 कर्मचारी रखे गए थे। हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियां और राजनीतिक संरक्षण के जरिए पैसे की लॉन्ड्रिंग होती थी। पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी 508 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप लगे थे। सरकार ने महादेव सहित 22 सट्टेबाजी ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है।
रवि उप्पल की गिरफ्तारी से फरारी तक की कहानी
दिसंबर 2023 में इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस पर दुबई पुलिस ने रवि उप्पल को गिरफ्तार किया। जनवरी 2024 में ईडी ने UAE को प्रत्यर्पण के लिए पत्र लिखा। उप्पल को 45 दिन बाद रिहा कर निगरानी में रखा गया, लेकिन हाल ही में वह दुबई से गायब हो गया। UAE ने भारत को सूचना दी कि उप्पल अज्ञात जगह चला गया है और प्रत्यर्पण प्रक्रिया बंद करने की तैयारी है।
सौरभ चंद्राकर अक्टूबर 2024 में दुबई में गिरफ्तार हुआ और अभी हाउस अरेस्ट में है। दोनों ने वानुअतु की नागरिकता ली थी, जो भारत से प्रत्यर्पण संधि नहीं रखता। ईडी ने अब तक 388 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है और 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ
उप्पल की याचिका पर सुनवाई के दौरान ED के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने बताया कि आरोपी दुबई से फरार हो गया है। पीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा, यह हमारी अंतरात्मा को झकझोरता है। सरगनाओं के लिए अदालतें और एजेंसियां खिलौना नहीं हैं। कोर्ट ने ED को उप्पल का पता लगाने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर तय की। उप्पल के वकील को कोई और स्थगन नहीं मिलेगा।
ऑनलाइन सट्टेबाजी का खतरा और कानूनी कार्रवाई
महादेव बेटिंग ऐप केस ने ऑनलाइन जुए की गंभीरता उजागर की है। ED, CBI और छत्तीसगढ़ पुलिस मिलकर जांच कर रही हैं। सेलिब्रिटी जैसे रणबीर कपूर, हुमा कुरैशी को प्रमोशन के लिए समन भेजा गया। सरकार ने MEITY के जरिए ऐप्स ब्लॉक किए, लेकिन नए प्लेटफॉर्म्स उभर रहे हैं।
















