नई दिल्ली, 11 दिसंबर 2025। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में विश्व के सबसे बड़े डाक नेटवर्क, इंडिया पोस्ट को मजबूत और आधुनिक बनाने में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि भारतीय डाक वर्तमान में देशभर में 1.64 लाख डाकघरों का संचालन कर रही है, जिन्हें 2.78 लाख समर्पित ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) का सहयोग प्राप्त है।
पिछले साढ़े तीन वर्षों में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों में 4,903 नए डाकघरों का निर्माण किया गया है। बैंकिंग सुविधाओं से वंचित गांवों में 5,746 डाकघरों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 5,657 (97 प्रतिशत) पहले ही खोले जा चुके हैं। डाकघर भवनों के निर्माण और नवीनीकरण के लिए 405 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिसमें 49 विरासत डाकघर भी शामिल हैं, जिन्हें भारतीय डाक के संस्थागत रत्न माना जाता है।
श्री सिंधिया ने इस बात पर जोर दिया कि यद्यपि पर्याप्त प्रगति हासिल की गई है, लेकिन इंडिया पोस्ट के स्वामित्व वाले शेष 25,000 डाकघरों के नवीनीकरण के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता होगी। भविष्य की ओर बढ़ते हुए, केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि इंडिया पोस्ट संचालन को आधुनिक बनाने और सुव्यवस्थित करने के लिए एक व्यापक बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग (बीपीआर) पहल शुरू कर रहा है। इससे प्रथम-मील, मध्य-मील और अंतिम-मील वितरण प्रणालियों में सुधार होगा, जिससे करोड़ों नागरिकों के लिए ये प्रणालियां तेज़, अधिक सेवा-उन्मुख और डिजिटल रूप से सक्षम बनेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया पोस्ट स्वचालन को अपना रहा है और दुनिया के अग्रणी लॉजिस्टिक्स वाहकों में से एक के रूप में उभरने के लिए वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं का अध्ययन कर रहा है। सरकार डाक नेटवर्क को मजबूत करने, सेवा वितरण को बेहतर बनाने और इंडिया पोस्ट को देश के लिए एक आधुनिक, प्रौद्योगिकी-संचालित लॉजिस्टिक्स पावरहाउस में परिवर्तित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

















