बिलासपुर, 11 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में चाकूबाजी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह की अनोखी और सख्त पहल रंग लाई है। उनकी अगुवाई में पुलिस ने न केवल अपराधियों पर नकेल कसी, बल्कि युवाओं को जागरूक करने का भी बीड़ा उठाया। इस अभियान के तहत चाकूबाजी के 300 से अधिक मामले दर्ज किए गए और 276 से ज्यादा चाकू जब्त किए गए। एसएसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कार्रवाई पूरी तरह से जांच पर आधारित होगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
एसएसपी श्री सिंह ने विशेष रूप से युवाओं और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस का किसी के प्रति कोई पूर्वाग्रह नहीं है। यदि कोई छात्र या व्यक्ति अपराध में लिप्त पाया गया, तो उसे कानून का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस का उद्देश्य छात्रों और नागरिकों को सुरक्षित, भयमुक्त वातावरण प्रदान करना है। इसके लिए पुलिस नशा, अवैध हथियार और अपराध पर रोक लगाने को अपनी प्राथमिकता मान रही है। एसपी ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और कहा कि पुलिस और जनता का सहयोग ही समाज को सुरक्षित बना सकता है।
रजनेश सिंह ने यह भी बताया कि रोजाना सैकड़ों लोग एसपी कार्यालय अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। लेकिन भीड़ जुटाने या नारेबाजी से समाधान संभव नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि 5-6 प्रतिनिधियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपना ज्यादा प्रभावी और व्यवस्थित तरीका है। इस पहल से न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार हुआ, बल्कि जनता के साथ संवाद भी मजबूत हुआ।
एसएसपी की इस पहल को शहर में व्यापक सराहना मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चाकूबाजी की घटनाओं में कमी आई है और युवाओं में जागरूकता बढ़ी है। पुलिस की सक्रियता और एसपी के दृढ़ संकल्प ने बिलासपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। इस अभियान से न केवल अपराध पर नियंत्रण हुआ, बल्कि युवाओं को सही दिशा में प्रेरित करने का भी प्रयास किया गया। पुलिस अब अन्य अपराधों, जैसे नशे और अवैध हथियारों पर भी इसी तरह की सख्ती बरतने की योजना बना रही है।














