रायपुर, 19 मार्च 2025। समर्पण, निष्ठा और अद्वितीय नेतृत्व का जब संगम होता है, तब इतिहास की नई इबारत लिखी जाती है। छत्तीसगढ़ शासन ने इसी संकल्पना को साकार करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के तेजतर्रार और कर्मठ अधिकारी रजनेश सिंह को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद पर पदोन्नत किया है। यह पदोन्नति 01 जनवरी 2025 से प्रभावी होगी।
गृह (पुलिस) विभाग द्वारा 13 वर्षों की सेवा पूरी करने वाले आठ आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति प्रदान की गई थी, लेकिन तकनीकी त्रुटियों के कारण 2012 बैच के प्रतिभाशाली अधिकारी रजनेश सिंह का नाम सूची में सम्मिलित नहीं हो सका था। प्रशासन ने इस भूल को संज्ञान में लेते हुए 18 मार्च 2025 को संशोधित आदेश जारी किया, जिसमें उन्हें चयन श्रेणी वेतनमान (लेवल-13) में पदोन्नति प्रदान की गई। अब उनका वेतनमान Rs 1,23,100 – Rs 2,15,900 के स्तर पर स्वीकृत किया गया है। इस ऐतिहासिक निर्णय पर अंतिम मुहर गृह (पुलिस) विभाग के सचिव हिम शिखर गुप्ता ने लगाई।
संघर्ष से शिखर तक का सफर
रजनेश सिंह की कहानी संघर्ष, तपस्या और कर्तव्यपरायणता का जीवंत उदाहरण है। वर्ष 1997 में राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के रूप में चयनित हुए, और 2012 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हुए। उनके समर्पण और निडर कार्यशैली ने उन्हें 2017 में प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा।
अपनी सेवा के दौरान उन्होंने रायपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, धमतरी, नारायणपुर, और वर्तमान में बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।
नक्सल मोर्चे पर अडिग योद्धा
बस्तर के घने जंगलों में उन्होंने नक्सल उन्मूलन अभियानों का कुशल नेतृत्व किया और कई महत्वपूर्ण अभियानों को सफलता तक पहुंचाया। उनकी कार्यशैली ने न केवल अपराध पर नियंत्रण किया, बल्कि पुलिस बल के मनोबल को भी ऊंचाइयों तक पहुँचाया।
आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) में सेवाएं देते हुए उन्होंने बहुचर्चित पटना-बोधगया ब्लास्ट में संलिप्त आतंकियों की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में भी उनकी सेवाएं अनुकरणीय रहीं, जहाँ उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार मामलों में निर्णायक कार्रवाई की।
एक मिसाल, एक प्रेरणा
छत्तीसगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, रजनेश सिंह की पदोन्नति उनके अद्वितीय समर्पण, नेतृत्व और साहस की गवाही देती है। उनकी सेवाएं नक्सल मोर्चे, संगठित अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने में मील का पत्थर साबित हुई हैं। यह पदोन्नति उनके उत्कृष्ट ट्रैक रिकॉर्ड का सशक्त प्रमाण है।
रजनेश सिंह की यह पदोन्नति न केवल उनके व्यक्तिगत सफर की उपलब्धि है, बल्कि यह उन सभी कर्मयोगियों के लिए प्रेरणा है, जो अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान हैं। यह सम्मान, कर्तव्य और परिश्रम की जीत का प्रतीक है।