इस्लामाबाद, 12 अप्रैल 2026। मिडिल ईस्ट की परिस्थितियों में सुधार होने का प्रयास फिर विफल हो गया। पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान के बीच बैठक बेनतीजा रही। बैठक में दोनों पक्ष अपनी शर्तों को मनवाने पर अड़े रहे। अंतत: 21 घंटे चली बैठक खत्म हो गयी। बैठक में किसी भी प्रकार का हल नहीं निकल सका।
ईरान के साथ सीधी बातचीत के बाद, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मीडिया से मिले। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बहुत साफ़ कर दिया है कि हमारी ‘रेड लाइन्स’ (सीमाएं) क्या हैं। और किन चीज़ों पर हम उनके साथ समझौता करने को तैयार हैं।
हम यहां से एक बहुत ही सीधे-सादे प्रस्ताव के साथ जा रहे हैं। समझौते का एक ऐसा तरीका, जो हमारी तरफ़ से आखिरी और सबसे अच्छा प्रस्ताव है। मैं सारी बारीकियों में नहीं जाऊंगा, क्योंकि 21 घंटे तक निजी तौर पर बातचीत करने के बाद, मैं अब सबके सामने बातचीत नहीं करना चाहता।
सीधी-सी बात यह है कि हमें उनकी तरफ़ से एक पक्का वादा चाहिए कि वे न तो कोई परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करेंगे, और न ही ऐसे कोई साधन जुटाएंगे जिनकी मदद से वे तेज़ी से परमाणु हथियार हासिल कर सकें।
वेंस ने बताया कि इस्लामाबाद में मौजूद अमेरिका के वार्ताकारों ने 21 घंटे की इस ज़ोरदार कोशिश के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप से लगभग छह बार बात की। इसके अलावा उन्होंने पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से भी बातचीत की।
उधर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने 12 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बड़ी बातें साझा कीं. बकाई ने साफ कहा कि बातचीत की सफलता इस बात पर टिकी है कि अमेरिका ईरान के जायज हक और हितों को स्वीकार करे। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका को अपनी ‘बेजा मांगों (नाजायज मांगें) और गैरकानूनी शर्तों’ से पीछे हटना होगा।