तेहरान, 1 मार्च 2026। पश्चिम एशिया में भूचाल लाने वाली बड़ी खबर सामने आई है। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। खामेनेई पिछले कई दशकों से ईरान की राजनीति का केंद्र रहे थे। हमलों में उनकी बेटी, दामाद, पोती और बहू के भी मारे जाने की पुष्टि की गई है।
ईरान के सरकारी टीवी पर ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने खामेनेई की मौत की पुष्टि करते हुए गहरा दुख जताया। गार्ड कोर ने इसे राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया। बयान में कहा गया, हमने एक महान नेता खो दिया है।
खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन के सार्वजनिक शोक की घोषणा की गई है। साथ ही 7 दिन के लिए सभी सरकारी प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। राजधानी तेहरान सहित प्रमुख शहरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
गार्ड कोर ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह घरेलू और विदेशी साजिशों का डटकर सामना करेगा और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। ईरान के राजनीतिक और धार्मिक नेतृत्व के सामने अब सत्ता के संक्रमण और संभावित जवाबी कार्रवाई को लेकर गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक खामेनेई मारा गया। वह हमारे इंटेलिजेंस और एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं सका। ट्रंप ने इसे ईरानी जनता के लिए अपने देश को वापस लेने का सबसे बड़ा मौका बताया।
ट्रंप ने आगे दावा किया कि उन्हें जानकारी मिल रही है कि ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर, सेना और पुलिस अब लड़ना नहीं चाहते। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुरक्षा बल ईरानी देशभक्तों के साथ मिलकर देश को महानता की ओर वापस ले जाएंगे।
















