रायपुर, 2 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ के भिलाई से अब महादेव की जगह खेलो यार बेटिंग नेटवर्क संचालित हो रहा है। इसका मुख्य मास्टरमाइंड भिलाई का शेल्वी उर्फ मनीष है। बिहार के औरंगाबाद का राजन कुमार सिंह उसका सहयोग कर रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने हुसैनाबाद में बड़ी कार्रवाई की।
पुलिस ने यहां खेलो यार नामक एक विशाल ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जो महादेव ऐप की कार्यप्रणाली पर आधारित था। इस रैकेट का अनुमानित अवैध कारोबार 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसके तार दुबई से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने छापेमारी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पलामू की ये शाखा छत्तीसगढ़ के भिलाई से संचालित होती थी, जबकि इसका मुख्य सर्वर दुबई में स्थित है। ये नेटवर्क प्रतिदिन करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन करता था। पलामू में पकड़ी गई फ्रेंचाइजी नंबर 141 अकेले रोजाना 5 से 7 लाख का ट्रांजेक्शन करती थी और इससे 5-6 हज़ार सदस्य जुड़े थे। इसी नेटवर्क की अन्य फ्रेंचाइजियां 50 से 60 लाख तक का रोज़ाना ट्रांजेक्शन करती हैं।
मुख्य मास्टरमाइंड शेल्वी उर्फ मनीष ने बड़े शहरों में अन्य बेटिंग ऐप्स से ट्रेनिंग लेकर दुबई के प्रमोटर के साथ मिलकर यह विशाल नेटवर्क तैयार किया। दुबई में बैठा प्रमोटर हर फ्रेंचाइजी को ट्रांजेक्शन पर 30 प्रतिशत तक कमीशन देता था।
अपराधी 10 से 15 ‘म्युल’ (किराए के) बैंक खाते इस्तेमाल करते थे, जिन्हें 5-6 हजार मासिक किराए पर लिया जाता था। सुरक्षा से बचने के लिए एक खाता केवल एक महीने के लिए उपयोग होता था। वहीं अवैध पैसों के प्रवाह को ट्रैक करने से रोकने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग किया जाता था।
पलामू एसपी रीष्मा रमेशन को हुसैनाबाद अनुमंडल कार्यालय के पीछे कुछ युवकों की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली थी, जिस पर हजारीबाग पुलिस की ‘म्युल अकाउंट’ संबंधी जानकारी साझा होने के बाद कार्रवाई की गई। गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों में राहुल सिंह (भिलाई), सुजीत कुमार विश्वकर्मा, अजित कुमार विश्वकर्मा, रोहित कुमार सिंह (सभी मदनपुर, बिहार), जुबेर अंसारी (बोकारो), अयाज आलम (रामगढ़) और अक्षय कुमार (रांची) शामिल हैं। ये सभी किराए के मकान में बैठकर ऑनलाइन बेटिंग का संचालन कर रहे थे। पुलिस आगे की जांच कर रही है।













