भारत और यूके के बीच कानूनी सहयोग को मिलेगी नई दिशा

नई दिल्ली, 8 अप्रैल 2026। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच कानूनी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 6 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के शास्त्री भवन में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विधि एवं न्याय मंत्रालय, भारत के विधि कार्य विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि ने लॉ सोसाइटी ऑफ इंग्लैंड एंड वेल्स (LSEW) के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।

इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व LSEW के अध्यक्ष मार्क इवांस ने किया। उनके साथ अंतर्राष्ट्रीय नीति सलाहकार (दक्षिण एशिया और आसियान) प्रीति साहनी भी मौजूद रहीं। इस शिष्टाचार मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने कानूनी सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक ऐसे समय में हुई है जब बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा विदेशी वकीलों और लॉ फर्मों के लिए संशोधित नियम अधिसूचित किए गए हैं। इन नए नियमों के तहत भारत में अंतरराष्ट्रीय कानूनी सेवाओं के लिए अवसरों का विस्तार होने की संभावना है, जिससे वैश्विक स्तर पर कानूनी सहयोग को नई गति मिल सकती है।

चर्चा के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने कानूनी सेवाओं के आदान-प्रदान, पेशेवर मानकों के समन्वय और प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और विवाद समाधान में कानूनी ढांचे को सुदृढ़ बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

डॉ. राजीव मणि ने कहा कि भारत तेजी से विकसित हो रहा कानूनी बाजार है और वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग से इस क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। वहीं, मार्क इवांस ने भारत को एक महत्वपूर्ण कानूनी और आर्थिक साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग से पेशेवर अवसरों का विस्तार होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह संवाद भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। कानूनी सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग व्यापारिक संबंधों को भी सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा।

यह बैठक दोनों देशों के बीच कानूनी क्षेत्र में गहराते रिश्तों और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं को और मजबूत करेगी।