नन्हे खुशांश ने रचा इतिहास, बनाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान

रायपुर, 2 अप्रैल 2026। प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, इस कहावत को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक नन्हे बालक ने सच कर दिखाया है। रायपुर के गुढियारी भारत माता चौक जनता कालोनी निवासी सुरज प्रमोद आगे और रूबी सुरज आगे के बेटे ( मात्र 1 वर्ष 6 माह और 19 दिन के मासूम) खुशांश सुरज आगे ने अपनी विलक्षण बुद्धि और असाधारण याददाश्त के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। खुशांश की इस उपलब्धि ने न केवल उनके माता-पिता, बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

अंगों की कर लेता है सटीक पहचान

खुशांश की उम्र अभी ठीक से बोलने और खिलौनों से खेलने की है, लेकिन इस उम्र में उन्होंने मानव शरीर के विभिन्न अंगों को पहचानने की ऐसी महारत हासिल की है कि बड़े-बड़े दंग रह जाएं। उनकी सीखने की क्षमता और तीव्र स्मृति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे बिना किसी हिचकिचाहट के जटिल अंगों के नाम सुनकर उन्हें इंगित कर देते हैं।

वर्ल्डवाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

खुशांश की इस असाधारण क्षमता को देखते हुए प्रतिष्ठित संस्था वर्ल्डवाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने उन्हें आधिकारिक तौर पर सम्मानित किया है। संस्था ने उनकी प्रतिभा का परीक्षण करने के बाद यह माना कि इतनी कम उम्र में मानव शरीर की इतनी सटीक समझ रखना वाकई में विरल है। उन्हें यह गौरवपूर्ण सम्मान 12 मार्च 2026 को प्रदान किया गया।