क्या है खबर
प्रयागराज में पवित्र गंगा और यमुना नदी के संगम पर प्रतिवर्ष माघ माह में लगने वाला आध्यात्मिक मेला 2026 में 3 जनवरी से शुरू हो रहा है। यह मेला 15 फरवरी तक चलेगा। माघ मेला 2026 के लिए सुरक्षा तैयारियां तेज़ हो गयी हैं। 3 जनवरी से 15 फरवरी तक होने वाले मेले में ड्रोन, AI कैमरों और ज़ोन-वार प्लानिंग से सुरक्षा मजबूत की जा रही है।
सुरक्षा पहले से अधिक मजबूत
प्रयागराज, 28 नवंबर 2025। आगामी माघ मेला 2026 के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और व्यवस्थागत तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्रयागराज के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय पाल ने बताया कि माघ मेले का आयोजन 3 जनवरी से 15 फरवरी 2025 तक किया जाएगा। लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए इस बार सुरक्षा के स्तर को पहले से अधिक मजबूत और तकनीक-सक्षम बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को चार प्रमुख ज़ोन में बांटा गया है, ताकि भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा बंदोबस्त और आवश्यक सेवाओं की बेहतर मॉनिटरिंग हो सके। प्रत्येक ज़ोन में पुलिस अधिकारियों की विशिष्ट ड्यूटी लगाई जाएगी और सभी इकाइयों को एक केंद्रीय नियंत्रण प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
CCTV कैमरे लगाए जा रहे
सुरक्षा के लिए इस बार तकनीक का विशेष प्रयोग किया जा रहा है। पूरे मेला क्षेत्र में लगभग 1,000 से अधिक हाई-रिज़ॉल्यूशन CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी निगरानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से की जाएगी। AI आधारित कैमरे संदिग्ध गतिविधियों को स्वतः पहचान कर अलर्ट भेजेंगे, जिससे किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। भीड़ के घनत्व का रियल-टाइम विश्लेषण भी इन कैमरों के माध्यम से किया जाएगा।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए ड्रोन से भी लगातार निगरानी रखी जाएगी। नदी घाटों, प्रमुख मार्गों, पार्किंग क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रहेगी। आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए ATS की विशेष टीम, STF, बाढ़ राहत यूनिट, PAC के जवान और RAF की यूनिटों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।
मेडिकल टीम और फायर यूनिट
उन्होंने यह भी बताया कि व्यवस्था सुचारू रखने के लिए यातायात योजना को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित मार्ग, पार्किंग और एम्बुलेंस रूट को चिह्नित किया गया है। मेडिकल टीम और फायर यूनिट भी चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगी।
प्रशासन के अनुसार इस बार माघ मेला अधिक तकनीकी, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप में सामने आएगा। अधिकारियों ने दावा किया कि सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।














