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इंदौर की महविश ने अमेज़न इंडिया में बनाई पहचान

इंदौर की महविश ने अमेज़न इंडिया में बनाई पहचान

इंदौर, 4 अक्टूबर 2025। अमेज़न इंडिया अपने कर्मचारियों, एसोसिएट्स और पार्टनर्स की मेहनत का जश्न मना रहा है। इनमें से एक हैं इंदौर की महविश खान, जो अमेज़न इंडिया में मार्केटिंग एसोसिएट के रूप में कार्यरत हैं। उनकी कहानी अमेज़न के रचनात्मक, सहयोगी और ग्राहक-केंद्रित संस्कृति को दर्शाती है। महविश इंदौर में पली-बढ़ीं और यहीं से उन्होंने इंग्लिश लिटरेचर में पोस्टग्रेजुएशन किया। कॉलेज के दिनों से ही कविता लेखन और मंच प्रदर्शन उनका शौक रहा। उनकी रचनाएं कई एंथोलॉजी में प्रकाशित हुईं, और उनकी दो किताबें, रिमोट समन्स और व्हाट्स योर स्टोरी?, भी प्रकाशित हो चुकी हैं। लेखन का यह जुनून उनके करियर की नींव बना। वे कहती हैं कि माता-पिता और भाई-बहनों के समर्थन ने उन्हें रचनात्मकता और पेशेवर विकास को संतुलित करने वाली राह चुनने की हिम्मत दी।

महविश ने 2021 में ग्लोरोड बाय अमेज़न के साथ कॉपीराइटिंग और मार्केटिंग कॉन्टेंट के क्षेत्र में कदम रखा। इस भूमिका ने उन्हें अमेज़न के इनोवेशन और सहयोगी संस्कृति से जोड़ा। बाद में, वे अमेज़न की बाज़ार टीम में मार्केटिंग एसोसिएट बनीं, जहां उनका दायरा कॉन्टेंट से बढ़कर सोशल मार्केटिंग और कैंपेन मैनेजमेंट तक पहुंचा। वे कहती हैं, अमेज़न का प्रयोग और विश्वास का माहौल मुझे सबसे ज्यादा प्रेरित करता है। क्रिएटिव बैकग्राउंड से टेक्निकल काम में आना चुनौतीपूर्ण नहीं लगा, क्योंकि लीडर्स का मार्गदर्शन और टीम का सहयोग हमेशा रहा। अमेज़न ने उन्हें ग्लोबल मंथ ऑफ वॉलंटियरिंग जैसे प्रोग्राम्स और बड़े ब्रांड कैंपेन्स के जरिए पेशेवर और व्यक्तिगत विकास के अवसर प्रदान किए।

ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2025, जो 23 सितंबर से शुरू हुआ (प्राइम मेंबर्स को 24 घंटे पहले एक्सेस), महविश के काम का अहम हिस्सा है। वे कहती हैं, यह सिर्फ शॉपिंग इवेंट नहीं, बल्कि एक कार्निवल है, जहां टीमें मिलकर इनोवेशन, किफायती डील्स और बेहतर सुविधाएं देती हैं। उनकी टीम हर डील और कैंपेन की सावधानीपूर्वक प्लानिंग करती है, ताकि ग्राहकों को सर्वश्रेष्ठ अनुभव मिले। महविश के लिए यह अमेज़न के पहले दिन के जुनून को दर्शाता है, जो जिज्ञासा और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण से प्रेरित है।

काम के माहौल में उनकी टीम छोटी-छोटी उपलब्धियों का जश्न मनाती है, जैसे साथ भोजन करना या हल्के-फुल्के खेल। महविश कहती हैं, अमेज़न बाज़ार में मेहनत और जश्न साथ-साथ चलते हैं। काम के अलावा, वे अपनी तीसरी किताब पर काम कर रही हैं, जो मानव मस्तिष्क और सोच पर केंद्रित है। कला, शिल्प, खाना पकाने और शो देखने में उन्हें सुकून मिलता है। वे कहती हैं, अमेज़न ने मुझे अपनी क्षमताओं को निखारने और कमजोरियों पर काम करने का मौका दिया, जिससे मेरा समग्र विकास हुआ। महविश की कहानी उन लाखों कर्मचारियों की प्रेरणा है, जो अमेज़न इंडिया के मिशन को साकार करते हैं, खासकर फेस्टिव सीज़न में, जब ग्राहकों तक सर्वश्रेष्ठ सेवाएं पहुंचाने की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।